घोसिया। औराई ब्लाक के प्रमुख बाजार महराजगंज को जोड़ने वाले मुख्य चौरी-महराजगंज मार्ग पर आए दिन जाम के झाम से लोग परेशान होते हैं। जाम में फंसकर प्रतिदिन दो से तीन घंटे का समय बर्बाद करने वाले राहगीर मनमानी करने वाले दुकानदारों को भी दोषी मानते हैं। क्षेत्र के डॉ. आलोक तिवारी ने बताया कि यह सड़क लोक निर्माण के तहत एक दशक पूर्व बनी है। मिर्जापुर, वाराणसी सीमा से जुड़े गांव और भदोही, चौरी बाजार, सरोई, बाबतपुर, जौनपुर के लिए बाइक, आटो, कार सवार आवागमन करते हैं। महराजगंज बाजार के मुख्य तिराहा तक पहुंचने में छात्र-छात्रा ही नहीं बल्कि बाजार आने वाले पैदल, साइकिल सवार तक दुकानदारों की मनमानी से जाम में फंस जाते हैं। कृष्णकुमार राय ने कहा कि दुकानदार उस समय विवाद कर लेते हैं जब जाम के समय किसी जरुरी कार्य से आवागमन करने वाले अगल-बगल से निकलते हैं। गंभीर बीमारियों की स्थिति में वाहन चालक दूसरे रास्ते का सहारा लेकर अस्पतालों तक पहुंच पाते हैं। राजन पांडेय, फूलगेन तिवारी यह कहते नहीं थके कि परिवहन विभाग के साथ यातायात पुलिस जागरूकता अभियान तो चलाता है, लेकिन दुकानदारों को जागरूक करने के लिए दूर-दूर तक नजर नहीं आता। बीते माह चला सड़क सुरक्षा अभियान भी मात्र औपचारिकता तक सिमट कर रह गया। विनोद पाल, नमन मिश्रा ने कहा कि जाम कारण बन रहे दुकानों के सामने सड़क की पटरियों पर जब तक अतिक्रमण को अभियान चलाकर नहीं हटाया जाएगा तब तक समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले सकती। दुकानदार सब्जी, बर्तन, कपड़ा, किराना, मिठाई बेचने के नाम पर पर पांच की फीट पटरी पर अस्थाई भट्ठी, चबूतरा, टिनशेड, तिरपाल, पोलीथीन लगाकर अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। थाना, चौकी, कोतवाली के साथ यातायात पुलिस का टारगेट सिर्फ चौराहे-तिराहे पर कुछ समय के लिए रहता है। उक्त सड़क के तिराहे पर यातायात पुलिस की पिकेट तैनाती स्थाई होने से जाम की समस्या काफी हद तक दूर होगी। सीओ यातायात रामलखन मिश्रा से सवाल करने पर उन्होंने एक-दो दिन में अभियान चलाकर अतिक्रमण को हटवाने की बात कहीं।