ज्ञानपुर/औराई। फोरलेन से सिक्सलेन में परिवर्तित हुए वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर जलनिकासी की समस्या इस बार की बारिश में भी किसानों की मुश्किलें बढ़ाएगी। किसानों ने हाईवे प्राधिकरण को एक सप्ताह का समय देकर मुख्य पुलों से अतिक्रमण हटाकर जाम पड़े नालों से गंदा पानी निकालने की मांग की है। समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन के लिए चेतावनी दी है। औराई ब्लॉक के राजापुर निवासी किसान रघुराम पाल ने बताया कि सिक्सलेन निर्माण में प्राधिकरण ने करोड़ों की लागत से नाला और पुल बनवाया है। नाला और पुल बनाने का मुख्य उद्देश्य यह था कि एक दशक पूर्व के जलनिकासी के रास्तों का अधिग्रहण होने पर सिक्सलेन की ऊंचाई लगभग 10 फीट बढ़ गई। निर्मित नालों से ही बारिश का पानी एक-दूसरे छोर की ओर निकलना था। अमीरपट्टी के किसान कड़ेनाथ शुक्ला, नंदलाल शुक्ला ने बताया कि उत्तरी एवं दक्षिणी लेन के किनारे बने नाला तीन वर्ष से गंदे पानी के कारण बजबजा रहा है लेकिन प्राधिकरण ने लालानगर, नटवां, औराई, माधोसिंह, गोपीगंज नगर, जंगीगंज बाजार, कौलापुर, गिराई, वहिदानगर, नवधन, ऊंज में मुख्य पुलों की न सफाई करा सका है न गंदे पानी को निकालने का प्रयास ही किया जा रहा है। भवानीपुर के किसान हृदयनारायण, औराई के शिवनाथ पाल, जेठूपुर के राजेश शुक्ला ने बताया कि प्रति वर्ष की बारिश में दर्जनों किसान सैकड़ों बीघे खेती इसलिए नहीं कर पाते हैं कि बारिश का पानी उनके ही खेतों में भरा रह जाता है। यही स्थिति इस वर्ष भी हुई तो किसान खेतीबारी से मुंह मोड़ सकते हैं। कई बार शिकायती पत्र दिया जा चुका है। समस्या बढ़ने पर अधिकारियों का घेराव करने में किसान पीछे नहीं रहेंगे। हंडिया से राजातालाब तक हाईवे की देखरेख कर रहे वीके कुशवाहा ने बताया कि मुख्य पुलों पर हुए अतिक्रमण का मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में है। प्रशासन की सख्ती पर किसानों की समस्या दूर हो सकती है। बारिश शुरू होने से पहले ही जाम नालों की सफाई जेसीबी से शुरू करा दी गई है।