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Bhadohi News: 22 बिस्वा जमीन के लिए बुजुर्ग को भिजवाया दो बार जेल, 25 हजार का इनामी गिरफ्तार
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पुलिस की गिरफ्त में 25 हजार का इनामी पंकज उपाध्याय। स्रोत पुलिस
ज्ञानपुर। 22 बिस्वा जमीन पर कब्जे के लिए साजिशकर्ताओं ने गांव गणेशरायपुर के लक्ष्मी शंकर उपाध्याय (60) को पहले एससी-एसटी व दुष्कर्म और फिर एनडीपीएस एक्ट में फंसाया। इसके चलते लक्ष्मी शंकर को पहले नौ महीने और फिर छह महीने जेल में रहना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को 25 हजार के इनामी पंकज उपाध्याय को महाराष्ट्र के जलगांव से गिरफ्तार किया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने शुक्रवार को आपराधिक षड्यंत्र का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गणेशरायपुर के केवला शंकर उपाध्याय एवं उनके भाई लक्ष्मी शंकर उपाध्याय की कुल 22 बिस्वा जमीन है। केवला शंकर का एक बेटा है जो मानसिक रूप से कमजोर है, लक्ष्मी शंकर की एक दिव्यांग पुत्री है। गांव का पंकज उपाध्याय इस जमीन पर कब्जा करना चाहता था।
लक्ष्मी शंकर के मना करने पर पंकज उपाध्याय ने प्रयागराज के उतरांव क्षेत्र के बिझवनिया निवासी सुनील सरोज, पूजा सरोज और दशरथपुर बयांव के प्रिंस गौतम के साथ मिलकर साजिश रची। वर्ष 2021 में दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट के तहत फर्जी मामले में फंसाकर लक्ष्मी शंकर को जेल भिजवा दिया था। इस मामले में लक्ष्मी शंकर को नौ महीने तक जेल में रहना पड़ा था।
अपर सत्र विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता का नाम और पता फर्जी निकलने पर भदोही कोतवाली में इन तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस आरोपी महिमा उर्फ पूजा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि पंकज पुलिस की गिरफ्त से दूर था। प्राथमिकी दर्ज होने से नाराज पंकज ने बदला लेने के लिए सुनील पासी और अन्य साजिशकर्ताओं के साथ मिलकर फिर लक्ष्मीशंकर उपाध्याय को एनडीपीएस एक्ट में फंसाने की योजना बनाई। 25 दिसंबर 2025 को लक्ष्मी शंकर की कार में हेरोइन रखवाकर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना देकर वाराणसी के मंडुआडीह के पास से गिरफ्तार करवा दिया। इस मामले में भी लक्ष्मी शंकर छह महीने जेल में रहे लेकिन निर्दोष साबित हुए।
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पुलिस ने इन सभी मामलों की गहनता से जांच की तो आरोपी पंकज, सुनील सरोज व प्रिंस गौतम के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में एनडीपीएस एक्ट की बढ़ोतरी की। तीनों के खिलाफ प्रयागराज, भदोही जिले के कई थाने में प्राथमिकी दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि आरोपी खिलाफ 25 हजार का इनाम घोषित किया गया। कुर्की का नोटिस भी चस्पा किया। इसी बीच पुलिस को पंकज की लोकेशन जलगांव महाराष्ट्र में मिली। पुलिस की एक टीम महाराष्ट्र भेजी गई और वहां से पंकज को गिरफ्तार कर भदोही लाया गया। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। एसपी ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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लक्ष्मी शंकर के मना करने पर पंकज उपाध्याय ने प्रयागराज के उतरांव क्षेत्र के बिझवनिया निवासी सुनील सरोज, पूजा सरोज और दशरथपुर बयांव के प्रिंस गौतम के साथ मिलकर साजिश रची। वर्ष 2021 में दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट के तहत फर्जी मामले में फंसाकर लक्ष्मी शंकर को जेल भिजवा दिया था। इस मामले में लक्ष्मी शंकर को नौ महीने तक जेल में रहना पड़ा था।
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अपर सत्र विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता का नाम और पता फर्जी निकलने पर भदोही कोतवाली में इन तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस आरोपी महिमा उर्फ पूजा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि पंकज पुलिस की गिरफ्त से दूर था। प्राथमिकी दर्ज होने से नाराज पंकज ने बदला लेने के लिए सुनील पासी और अन्य साजिशकर्ताओं के साथ मिलकर फिर लक्ष्मीशंकर उपाध्याय को एनडीपीएस एक्ट में फंसाने की योजना बनाई। 25 दिसंबर 2025 को लक्ष्मी शंकर की कार में हेरोइन रखवाकर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना देकर वाराणसी के मंडुआडीह के पास से गिरफ्तार करवा दिया। इस मामले में भी लक्ष्मी शंकर छह महीने जेल में रहे लेकिन निर्दोष साबित हुए।
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पुलिस ने इन सभी मामलों की गहनता से जांच की तो आरोपी पंकज, सुनील सरोज व प्रिंस गौतम के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में एनडीपीएस एक्ट की बढ़ोतरी की। तीनों के खिलाफ प्रयागराज, भदोही जिले के कई थाने में प्राथमिकी दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि आरोपी खिलाफ 25 हजार का इनाम घोषित किया गया। कुर्की का नोटिस भी चस्पा किया। इसी बीच पुलिस को पंकज की लोकेशन जलगांव महाराष्ट्र में मिली। पुलिस की एक टीम महाराष्ट्र भेजी गई और वहां से पंकज को गिरफ्तार कर भदोही लाया गया। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। एसपी ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।