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महिला कल्याण के आठ हजार आवेदन फंसे
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ज्ञानपुर। मुख्यमंत्री सुमंगला योजना और महिला पेंशन के करीब आठ हजार से आवेदन जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उदासीनता से लटक गए हैं। करीब एक सप्ताह पहले डीएम की सख्त चेतावनी के बाद भी अफसर संजीदा नहीं हुए। आलम यह है कि लंबित आवेदन घटने के बजाए बढ़ गए।
बलिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चला रही है। इस योजना में बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक अलग-अलग उम्र में अनुदान दिया जाएगा। योजना शुरू हुए करीब दो से ढाई महीने हो गए लेकिन अब तक बेटियों को लाभ नहीं मिल सका। दो से ढाई हजार बेटियों के आवेदन फाइनल कर शासन को भेजा गया, लेकिन आठ हजार आवेदन अब भी ब्लॉक, तहसील से लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय स्तर पर लंबित है। सात दिसंबर को डीएम राजेंद्र प्रसाद ने सभी अधिकारियों को एक सप्ताह में लंबित आवेदनों का निस्तारण करने का निर्देश दिया था लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो तीनों एसडीएम, डीआईओएस, बीएसएस, सभी बीडीओ, सभी खंड शिक्षा अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी के यहां मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के पांच हजार 8 48, विधवा पेंशन के 2084 आवेदन लंबित है। इसी तरह वृद्धा पेंशन के पांच हजार जबकि दिव्यांगजन पेंशन के 1600 आवेदन लंबित है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना को लेकर बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में दोपहर तीन बजे डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है।
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बलिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चला रही है। इस योजना में बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक अलग-अलग उम्र में अनुदान दिया जाएगा। योजना शुरू हुए करीब दो से ढाई महीने हो गए लेकिन अब तक बेटियों को लाभ नहीं मिल सका। दो से ढाई हजार बेटियों के आवेदन फाइनल कर शासन को भेजा गया, लेकिन आठ हजार आवेदन अब भी ब्लॉक, तहसील से लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय स्तर पर लंबित है। सात दिसंबर को डीएम राजेंद्र प्रसाद ने सभी अधिकारियों को एक सप्ताह में लंबित आवेदनों का निस्तारण करने का निर्देश दिया था लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो तीनों एसडीएम, डीआईओएस, बीएसएस, सभी बीडीओ, सभी खंड शिक्षा अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी के यहां मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के पांच हजार 8 48, विधवा पेंशन के 2084 आवेदन लंबित है। इसी तरह वृद्धा पेंशन के पांच हजार जबकि दिव्यांगजन पेंशन के 1600 आवेदन लंबित है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना को लेकर बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में दोपहर तीन बजे डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है।
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