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Bhadohi News: आठ समितियों का होगा जीर्णोद्धार, मिली स्वीकृति
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जिले की आठ सहकारी समितियों का 80 लाख की लागत से जीर्णोद्धार किया जाएगा। सहकारिता विभाग के भेजे प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। विभाग की तरफ से जल्द ही निविदा जारी कर निर्माण कराया जाएगा। इससे जर्जर हो चुकी समितियां एक बार फिर ठीक ठाक बन जाएंगी। इसके बाद समितियों को कंप्यूटरीकृत करने के साथ ही अन्य सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
जिले में कुल 52 समितियां हैं। इसमें से 43 से 44 समितियां सक्रिय हैं। यहां से किसानों को उर्वरक, ऋण आदि सुविधाएं मिलती है। केंद्र में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद सरकार ने इसका नाम बदलकर बी पैक्स कर दिया है। हर समितियों पर सदस्य भी बनाए जा रहे हैं। जिले की अधिकतर समितियां ढाई से तीन दशक पूर्व बनाई गई हैं। निगरानी न होने से पूर्व में बनी अधिकतर समितियां जर्जर हो चुकी हैं। इससे खाद-बीज वितरण के समय काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित समितियों के जीर्णोद्धार के साथ ही केंद्र सरकार की केंद्र पुरोनिधानिक योजना के तहत कंप्यूटरीकरण करने का काम शुरू कर दिया है। ऐसे में जर्जर समितियों पर आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराना मुश्किल हो रहा है।सहकारिता विभाग ने आठ समितियों के जीर्णोद्धार के लिए शासन को पत्र लिखा था, जिसको अब स्वीकृति मिल गई है।
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एक-एक समिति पर नौ से 10 लाख तक का खर्च आएगा। आठों समितियों पर कुल करीब 80 लाख रुपये खर्च होंगे। एआर सहाकारिता राम प्रकाश ने बताया कि आठ समितियों के जीर्णोंद्धार की स्वीकृति मिल गई है।
जल्द ही निविदा जारी कर निर्माण शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि समितियों के भवन के आधार पर बजट स्वीकृत हुआ है। उन्होंने बताया कि भविष्य में समितियों पर लोगों को उर्वरक, ऋण के साथ-साथ सीएचसी, दवा आदि की सुविधाएं मिल सकेंगी।
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जिले में कुल 52 समितियां हैं। इसमें से 43 से 44 समितियां सक्रिय हैं। यहां से किसानों को उर्वरक, ऋण आदि सुविधाएं मिलती है। केंद्र में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद सरकार ने इसका नाम बदलकर बी पैक्स कर दिया है। हर समितियों पर सदस्य भी बनाए जा रहे हैं। जिले की अधिकतर समितियां ढाई से तीन दशक पूर्व बनाई गई हैं। निगरानी न होने से पूर्व में बनी अधिकतर समितियां जर्जर हो चुकी हैं। इससे खाद-बीज वितरण के समय काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित समितियों के जीर्णोद्धार के साथ ही केंद्र सरकार की केंद्र पुरोनिधानिक योजना के तहत कंप्यूटरीकरण करने का काम शुरू कर दिया है। ऐसे में जर्जर समितियों पर आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराना मुश्किल हो रहा है।सहकारिता विभाग ने आठ समितियों के जीर्णोद्धार के लिए शासन को पत्र लिखा था, जिसको अब स्वीकृति मिल गई है।
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एक-एक समिति पर नौ से 10 लाख तक का खर्च आएगा। आठों समितियों पर कुल करीब 80 लाख रुपये खर्च होंगे। एआर सहाकारिता राम प्रकाश ने बताया कि आठ समितियों के जीर्णोंद्धार की स्वीकृति मिल गई है।
जल्द ही निविदा जारी कर निर्माण शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि समितियों के भवन के आधार पर बजट स्वीकृत हुआ है। उन्होंने बताया कि भविष्य में समितियों पर लोगों को उर्वरक, ऋण के साथ-साथ सीएचसी, दवा आदि की सुविधाएं मिल सकेंगी।