ज्ञानपुर। नौ दिन की पूजा-अर्चना के बाद सोमवार को दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया। बाजे-गाजे के साथ श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं को नहरों, सरोवरों में विसर्जित किया। इस दौरान दुर्गा मइया की जय के जयकारे गूंजते रहे।
पूजा समितियों के लोग नाचते-गाते विसर्जन स्थल तक पहुंचे। वहां पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। ज्ञानपुर और आसपास की प्रतिमाओं का विसर्जन ज्ञानपुर मुख्य नहर में किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए मां को विदाई दी। कुछ स्थानों पर गांव के तालाबों में ही विसर्जन किया गया। चौरी संवाददाता के अनुसार, थाना क्षेत्र में सादगी ढंग से मा दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इस दौरान न पंडालों और न ही विसर्जन स्थल पर भीड़ दिखी। लठिया नहर में रविवार और सोमवार की मिलाकर दो दर्जन से अधिक मूर्तियों का विसर्जन किया गया। नहर में पानी कम होने के कारण विसर्जन में भी लोगों को काफी परेशानी हुई। इसी तरह ऊंज, सुभाषनगर, मोढ़, औराई, महराजगंज, बाबूसराय, सेमराध, सीतामढ़ी आदि क्षेत्रों में स्थापित प्रतिमाएं तालाबों और नहरों में विसर्जित की गईं।