भदोहीः जर्मनी में कोविड के चलते कालीन निर्यातक डोमोटेक्स नहीं जाएंगे, 24 से ज्यादा निर्यातकों ने अपनी सहभागिता निरस्त कर दी
जर्मनी में कोविड के बढ़ते मामलों के चलते भदोही के कालीन निर्यातक डोमोटेक्स नहीं जाएंगे। डोमोटेक्स अगले साल 13 से 16 जनवरी के बीच हनोवर शहर में प्रस्तावित है।
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यूरोपीय देशों में कोविड-19 के मामले फिर बढ़ने लगे हैं। इसके चलते डोमोटेक्स, जर्मनी के आयोजन पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। इससे भारतीय कालीन निर्माता सहम गए हैं। भदोही के 24 से ज्यादा निर्यातकों ने अपनी सहभागिता निरस्त कर दी है। डोमोटेक्स अगले साल 13 से 16 जनवरी के बीच हनोवर शहर में प्रस्तावित है।
यहां पूरी दुनिया से बड़ी संख्या में टेक्सटाइल्स उत्पाद के निर्माता और खरीदार आते हैं। यहां भारतीय निर्यातक अपने लिए अवसर तलाशने जाते हैं। डोमोटेक्स हर साल होता है। कोविड के चलते वर्ष 2021 का डोमोटेक्स रद्द कर दिया गया था। अगले साल लोग इसमें भागीदारी की तैयारियों में लगे थे, लेकिन कोविड मामले बढ़ने के कारण कालीन निर्यातक अपनी भागीदारी निरस्त कराने लगे हैं।
इस बारे में आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के पूर्व अध्यक्ष रवि पाटोदिया ने कहा कि निर्यातक डोमोटेक्स यह सोचकर जाते हैं कि दुनिया भर से खरीदार व निर्माता आएंगे। वहां अच्छे खरीदार मिल सकते हैं। न भी मिले तो दुनिया में क्या ट्रेंड चल रहा है, वह हासिल होगा और उस पर हम आगे काम कर सकेंगे। लेकिन कोविड के मरीज वहां लगातार बढ़ रहे हैं।
स्थिति अनुकूल होगी, तभी जाएंगे
कहा कि इन हालात में हम जो सोच कर वहां जाएं और हासिल न हो तो जाने का मतलब नहीं रह जाता। बताया कि इस बार उन्होंने डोमोटेक्स विजिट करने की तैयारी की थी। अभी विकल्प खुले रखे हैं। यदि जनवरी तक स्थिति अनुकूल होगी, तभी जाएंगे। उधर, इस संबंध में सीईपीसी चेयरमैन उमर हमीद ने टेलीफोन पर बताया कि मंथन चल रहा है। जिन लोगों ने स्टाल बुक कराया हैं, उनसे फीडबैक लिए जा रहे हैं। लोगों के विचार जानने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।