चौरी। दरुनहां पशु अस्पताल पर चिकित्सकों के न मिलने पर रविवार को देर शाम मोर की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि नरपतपुर गांव में लगभग पांच बजे मोर चारा चूंगने के लिए इधर-उधर टहल रहा था। उसी समय आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पशु स्वास्थ्यकर्मी दिलीप के साथ ग्रामीण घायल मोर को दरुनहां अस्पताल पर इलाज के लिए ले गए, लेकिन चिकित्सक के न मिलने पर मोर ने दम तोड़ दिया।
मनीष मिश्रा, गुलशन, दीपक मिश्रा, अंकुर मिश्रा, आलोक मिश्रा ने विभागीय मिलीभगत का आरोप लगाया है कि जिले में संचालित होने वाले अस्पतालों पर आवासीय सुविधाएं मिली हैं। बावजूद इसके पशु चिकित्सक रात गुजारना उचित नहीं समझते। मोर पक्षी की मौत का मामला आम बात है। यदि किसी गाय, भैंस, बंदर, लंगूर, छुट्टा विचरण करने वाले पशु-पक्षियों को इलाज की जरूरत पड़े तो उन्हें न समय से इलाज की सुविधा मिल पाती है, न चिकित्सक की। अस्पतालों के खुलने से लेकर बंद होने तक के समय में दो-तीन घंटे का समय अस्पताल पर बीतता होगा, उसके बाद किसी भी कर्मचारी का मिलना संभव नहीं है। पूर्व के दिनों में पशुपालकों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की या उसको कोई असर कर्मचारियों पर नहीं होता। सीवीओ डॉ. जेडी सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी है। पक्षी के शव का पोस्टमार्टम कराकर रात में अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों की जांच कराई जाएगी।