{"_id":"61d09fcc0f15bb15af46e356","slug":"dm-strict-against-res-till-today-the-form-will-be-divided-bhadohi-news-vns631222918","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरईएस के खिलाफ डीएम सख्त, आज तक बंटेगा फार्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरईएस के खिलाफ डीएम सख्त, आज तक बंटेगा फार्म
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
त्वरित आर्थिक विकास योजना में छह करोड़ रुपये के टेंडर फार्म वितरण में धांधली को लेकर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी सख्त नजर आई। इस दौरान उन्होंने फार्म वितरण तिथि बढ़ा कर दो जनवरी कर दिया। इस तिथि तक चार काउंटर से फार्म वितरित करने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि आदेश का अनुपालन न होने पर संबंधित के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणांचल में कच्ची सड़कों पर इंटरलाकिंग कराने के लिए मुख्यमंत्री ने त्वरित योजना में औराई और भदोही विधानसभा क्षेत्र को चयनित कर तीन-तीन करोड़ स्वीकृत किया है। चिन्हित स्थानों पर काम कराने के लिए पखवारे भर पूर्व विभाग ने 34-34 कार्यों की निविदा भी निकाल दी गई। नियमत: आरईएस के पटेल नगर स्थित दफ्तर संग, कलेक्ट्रेट, विकास भवन और अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर फार्म का वितरण होना था, लेकिन चहेतों को लाभ देने के लिए फार्म का वितरण ही नहीं किया गया। इसको लेकर ठेकेदारों ने शिकायत की तो विभाग में खलबली मच गई। आरईएस विभाग के एक्सईएन से लेकर अवर अभियंता तक अपना मोबाइल स्विच आफ कर लिए। मामला संज्ञान में आने पर मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने जांच की तो पोल पट्टी खुल गई। सीडीओ की जांच में फार्म वितरण में गड़बड़ी सामने आई। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने डीएम को सौंपा। सीडीओ की रिपोर्ट के आधार पर डीएम आर्यका अखौरी ने फार्म वितरण की तिथि दो जनवरी तक बढ़ाने और फार्म वितरण के लिए चार काउंटर बनाने का निर्देश दिया। बता दें कि फार्म न मिलने और ठेकेदारों की समस्या को उजागर करते हुए अमर उजाला ने 30 व 31 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था।
त्वरित आर्थिक योजना में छह करोड़ के टेंडर के लिए सबकुछ पहले ही सेट हो चुका है। चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें फार्म दे दिया गया है। ऐसे में टेंडर के पारदर्शी होने पर सवाल उठने लगे हैं। ठेकेदार सुनील सिंह, सभाजीत की माने तो सबकुछ पहले से ही सेट है। वहीं दूसरी ओर चहेते ठेकेदारों के फोन की घंटी सरकारी दफ्तरों से लेकर मीडियाकर्मियों के यहां तक घनघना रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणांचल में कच्ची सड़कों पर इंटरलाकिंग कराने के लिए मुख्यमंत्री ने त्वरित योजना में औराई और भदोही विधानसभा क्षेत्र को चयनित कर तीन-तीन करोड़ स्वीकृत किया है। चिन्हित स्थानों पर काम कराने के लिए पखवारे भर पूर्व विभाग ने 34-34 कार्यों की निविदा भी निकाल दी गई। नियमत: आरईएस के पटेल नगर स्थित दफ्तर संग, कलेक्ट्रेट, विकास भवन और अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर फार्म का वितरण होना था, लेकिन चहेतों को लाभ देने के लिए फार्म का वितरण ही नहीं किया गया। इसको लेकर ठेकेदारों ने शिकायत की तो विभाग में खलबली मच गई। आरईएस विभाग के एक्सईएन से लेकर अवर अभियंता तक अपना मोबाइल स्विच आफ कर लिए। मामला संज्ञान में आने पर मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने जांच की तो पोल पट्टी खुल गई। सीडीओ की जांच में फार्म वितरण में गड़बड़ी सामने आई। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने डीएम को सौंपा। सीडीओ की रिपोर्ट के आधार पर डीएम आर्यका अखौरी ने फार्म वितरण की तिथि दो जनवरी तक बढ़ाने और फार्म वितरण के लिए चार काउंटर बनाने का निर्देश दिया। बता दें कि फार्म न मिलने और ठेकेदारों की समस्या को उजागर करते हुए अमर उजाला ने 30 व 31 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था।
विज्ञापन
त्वरित आर्थिक योजना में छह करोड़ के टेंडर के लिए सबकुछ पहले ही सेट हो चुका है। चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें फार्म दे दिया गया है। ऐसे में टेंडर के पारदर्शी होने पर सवाल उठने लगे हैं। ठेकेदार सुनील सिंह, सभाजीत की माने तो सबकुछ पहले से ही सेट है। वहीं दूसरी ओर चहेते ठेकेदारों के फोन की घंटी सरकारी दफ्तरों से लेकर मीडियाकर्मियों के यहां तक घनघना रही है।
विज्ञापन