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डीएम साहब...एनएचएआई नहीं दे रहा सर्किल रेट का मुआवजा
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महाराजगंज। औराई तहसील क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक गांवों के किसानों ने रविवार को प्रदर्शन कर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पर सर्किल रेट के मुताबिक मुआवजा न देने का आरोप लगाया। तहसील प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी से प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर किसानों, व्यापारियों, दुकानदारों, मकान स्वामियों को सही मुआवजा दिलाने की मांग की।
शंभूनाथ सिंह, कृपाशंकर सिंह, पारस सिंह, लोकनाथ, सुनील मिश्रा, प्रेमशंकर मिश्रा, सभाशंकर मिश्रा समेत बड़ी संख्या में लामबंद हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि औराई तहसील प्रशासन की मदद से सिक्स लेन निर्माण के तहत भूमि को अधिगृहीत कर उचित मुआवजा का आश्वासन दिया गया था, लेकिन मुआवजा देने की बारी आई तो वही तहसील प्रशासन और राजमार्ग प्राधिकरण के लोग निर्धारित मानक 14000 प्रति वर्ग मीटर की बजाए 1500 प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा तय कर दिया, जो बेहद कम है। जबकि किसान हो या अन्य लोग राजमार्ग किनारे कीमती भूमि पर प्रतिवर्ष केंद्र और प्रदेश सरकार से तय लगान जमा करते आ रहे हैं। उसका भी ध्यान नहीं रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्राधिकरण ने राजमार्ग से 50 मीटर की दूरी पर अधिग्रहण की गई जमीन का रेट तय कर मुआवजा नहीं दिया तो मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। एसडीएम औराई रमेश कुमार का कहना था कि सिक्सलेन के तहत अधिगृहीत की गई जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। बावजूद इसके विरोध करना उचित नहीं है। वैसे मामले की जांच कराकर ग्रामीणों को संतुष्ट करने का प्रयास किया जाएगा।
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शंभूनाथ सिंह, कृपाशंकर सिंह, पारस सिंह, लोकनाथ, सुनील मिश्रा, प्रेमशंकर मिश्रा, सभाशंकर मिश्रा समेत बड़ी संख्या में लामबंद हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि औराई तहसील प्रशासन की मदद से सिक्स लेन निर्माण के तहत भूमि को अधिगृहीत कर उचित मुआवजा का आश्वासन दिया गया था, लेकिन मुआवजा देने की बारी आई तो वही तहसील प्रशासन और राजमार्ग प्राधिकरण के लोग निर्धारित मानक 14000 प्रति वर्ग मीटर की बजाए 1500 प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा तय कर दिया, जो बेहद कम है। जबकि किसान हो या अन्य लोग राजमार्ग किनारे कीमती भूमि पर प्रतिवर्ष केंद्र और प्रदेश सरकार से तय लगान जमा करते आ रहे हैं। उसका भी ध्यान नहीं रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्राधिकरण ने राजमार्ग से 50 मीटर की दूरी पर अधिग्रहण की गई जमीन का रेट तय कर मुआवजा नहीं दिया तो मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। एसडीएम औराई रमेश कुमार का कहना था कि सिक्सलेन के तहत अधिगृहीत की गई जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। बावजूद इसके विरोध करना उचित नहीं है। वैसे मामले की जांच कराकर ग्रामीणों को संतुष्ट करने का प्रयास किया जाएगा।
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