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Bhadohi News: मंदिर की जमीन के मुआवजे का विवाद सुलझा
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वाराणसी-मछलीशहर हाईवे की जद में आ रहे चौरी बाजार के प्राचीन हनुमान मंदिर के मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद सुलझ गया। जमीन के मुआवजे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। एसडीएम की जांच में मंदिर की जमीन सरकारी पाई गई। वहीं दावा करने वाले पक्ष की जमीन को मंदिर के उत्तरी छोर पर बताया गया।
चौरी बाजार के मुख्य तिराहा पर स्थित हनुमान मंदिर का आधा हिस्सा हाईवे की जद में आ रहा है। भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। एक पक्ष अपनी भुईधरी जमीन होने का दावा कर रहा था। वहीं दूसरा पक्ष ऊसर की जमीन होने का दावा करते हुए मुआवजा की रकम मंदिर के जीर्णोद्धार में लगाने की मांग की थी। मामला जिलाधिकारी से लेकर मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल तल पहुंच गया।
मामले के निस्तारण के लिए जांच कमेटी बनाई गई। दोनों पक्षों के दावों की हकीकत जानने के लिए कागजात देखने के साथ जमीन की पैमाइश भी कराई गई। मामले का निस्तारण करते हुए एसडीएम ने बताया कि हनुमान मंदिर, कुआं, धर्मशाला, चबूतरा आदि सरकारी ऊसर जमीन पर हैं। वहीं भुईधरी जमीन होने का दावा करने वाले पक्ष की जमीन मंदिर के उत्तर में है। अब प्रधान मंजू प्रदीप जायसवाल ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मुआवजा की रकम सरकारी संस्था को दिए जाने की मांग की। जिससे मंदिर का जीर्णोद्धार हो सके।
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चौरी बाजार के मुख्य तिराहा पर स्थित हनुमान मंदिर का आधा हिस्सा हाईवे की जद में आ रहा है। भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। एक पक्ष अपनी भुईधरी जमीन होने का दावा कर रहा था। वहीं दूसरा पक्ष ऊसर की जमीन होने का दावा करते हुए मुआवजा की रकम मंदिर के जीर्णोद्धार में लगाने की मांग की थी। मामला जिलाधिकारी से लेकर मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल तल पहुंच गया।
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मामले के निस्तारण के लिए जांच कमेटी बनाई गई। दोनों पक्षों के दावों की हकीकत जानने के लिए कागजात देखने के साथ जमीन की पैमाइश भी कराई गई। मामले का निस्तारण करते हुए एसडीएम ने बताया कि हनुमान मंदिर, कुआं, धर्मशाला, चबूतरा आदि सरकारी ऊसर जमीन पर हैं। वहीं भुईधरी जमीन होने का दावा करने वाले पक्ष की जमीन मंदिर के उत्तर में है। अब प्रधान मंजू प्रदीप जायसवाल ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मुआवजा की रकम सरकारी संस्था को दिए जाने की मांग की। जिससे मंदिर का जीर्णोद्धार हो सके।
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