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अफसरों के आदेश को ठेंगा, बांट दिया यूनिफार्म
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ज्ञानपुर। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के आदेशों को दरकिनार कर एक फर्म ने बिना अनुमति के जिले के कई स्कूलों में यूनिफार्म का वितरण कर दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हरकत में आ गया है। संबंधित फर्म न तो आईआईसीटी के सैंपल जांच में शामिल हुई थी और न ही विभाग से अनुमति ली।
सरकार की ओर से हर वर्ष परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म वितरित होता है। जुलाई में स्कूल खुलने के बाद ही आपूर्ति की कवायद शुरू हो जाती है। जिले में 1116 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ रहे एक लाख 55 हजार बच्चों के लिए प्रति छात्र 400-400 की दर से पांच करोड़ से अधिक का बजट आया था। इस बार कपड़ों की गुणवत्ता परखने के लिए भारतीय कालीन प्रोद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) की प्रयोगशाला में भेजा। कुल 16 फर्मों के पैंट और शर्ट के अलग-अलग सैंपल भेजे गए। प्रयोगशाला से सैंपल की जांच रिपोर्ट तो चार फर्में ही ऐसी मिलीं, जिनके पैंट और शर्ट दोनों के सैंपल सही मिले। 12 फर्मों में से चार के दोनों सैंपल फेल हो गए थे। आठ फर्मों के शर्ट का सैंपल फेल हो गया और पैंट का सही पाया गया। जिन फर्मों के दोनों सैंपल दुरुस्त मिले, उन्हें ही यूनिफॉर्म वितरण की जिम्मेदारी दी गई। अगस्त- सितंबर महीने में 15 से 16 स्कूलों को छोड़कर अन्य स्कूलों में यूनिफार्म वितरण हो गया। गत एक सप्ताह में गोपीगंज की एक फर्म ने प्राथमिक विद्यालय चककलूटी, डीघ के बनकट समेत कई स्कूलों में बिना विभाग के अनुमति के यूनिफार्म का वितरण कर दिया। उक्त फर्म न तो विभाग के सैंपल जांच में शामिल हुई थी और न ही अनुमति ली गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में है। उक्त फर्म के खिलाफ कार्रवई होगी।
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सरकार की ओर से हर वर्ष परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म वितरित होता है। जुलाई में स्कूल खुलने के बाद ही आपूर्ति की कवायद शुरू हो जाती है। जिले में 1116 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ रहे एक लाख 55 हजार बच्चों के लिए प्रति छात्र 400-400 की दर से पांच करोड़ से अधिक का बजट आया था। इस बार कपड़ों की गुणवत्ता परखने के लिए भारतीय कालीन प्रोद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) की प्रयोगशाला में भेजा। कुल 16 फर्मों के पैंट और शर्ट के अलग-अलग सैंपल भेजे गए। प्रयोगशाला से सैंपल की जांच रिपोर्ट तो चार फर्में ही ऐसी मिलीं, जिनके पैंट और शर्ट दोनों के सैंपल सही मिले। 12 फर्मों में से चार के दोनों सैंपल फेल हो गए थे। आठ फर्मों के शर्ट का सैंपल फेल हो गया और पैंट का सही पाया गया। जिन फर्मों के दोनों सैंपल दुरुस्त मिले, उन्हें ही यूनिफॉर्म वितरण की जिम्मेदारी दी गई। अगस्त- सितंबर महीने में 15 से 16 स्कूलों को छोड़कर अन्य स्कूलों में यूनिफार्म वितरण हो गया। गत एक सप्ताह में गोपीगंज की एक फर्म ने प्राथमिक विद्यालय चककलूटी, डीघ के बनकट समेत कई स्कूलों में बिना विभाग के अनुमति के यूनिफार्म का वितरण कर दिया। उक्त फर्म न तो विभाग के सैंपल जांच में शामिल हुई थी और न ही अनुमति ली गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में है। उक्त फर्म के खिलाफ कार्रवई होगी।
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