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वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन, जांच की मांग
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सदर तहसील के नथईपुर निवासियों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर प्रार्थनापत्र डीएम को सौंपा। विवेक कुमार पांडेय के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने नारेबाजी कर आरोप लगाया कि एक पद पर कई वर्षों से कार्यरत कर्मचारी विभागीय मानकों का उल्लंघन कर अवैध ढंग से आरा मशीनों का संचालन सुविधा शुल्क लेकर करा रहे हैं। यह आरोप भी लगाया कि हरे पेड़ों की कटाई के नाम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। जब भी ग्रामीण इस कृत्य का विरोध शुरू करते हैं, तब कर्मचारी दुर्व्यवहार कर जान से मारने की धमकी देने लगते हैं।
ग्रामीणों का कहना था कि विभाग की तरफ से अब तक जिले में मात्र 25 आरा मशीन का लाइसेंस जारी किया गया है, लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारी प्रति माह सुविधा शुल्क लेकर सौ से अधिक आरा मशीनों का संचालन कराकर वन संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनका कहना था कि उच्चाधिकारियों से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री और मुख्य वन अधिकारी से शिकायत की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में विद्याधर पांडेय, सतीश चंद्र पांडेय, रत्नेश पांडेय, मुन्ना पांडेय, राजमणि उपाध्याय, शिव उपाध्याय, शंकर सिंह, अनूप मिश्रा आदि शामिल रहे। डीएफओ नीरज आर्या ने कहा कि कुछ अवैध आरा मशीन संचालकों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर आरोप-प्रत्यारोप लगाया जा रहा है। उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने पर धमकी देने वाले कर्मचारी की जांच कराई जाएगी।
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ग्रामीणों का कहना था कि विभाग की तरफ से अब तक जिले में मात्र 25 आरा मशीन का लाइसेंस जारी किया गया है, लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारी प्रति माह सुविधा शुल्क लेकर सौ से अधिक आरा मशीनों का संचालन कराकर वन संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनका कहना था कि उच्चाधिकारियों से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री और मुख्य वन अधिकारी से शिकायत की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में विद्याधर पांडेय, सतीश चंद्र पांडेय, रत्नेश पांडेय, मुन्ना पांडेय, राजमणि उपाध्याय, शिव उपाध्याय, शंकर सिंह, अनूप मिश्रा आदि शामिल रहे। डीएफओ नीरज आर्या ने कहा कि कुछ अवैध आरा मशीन संचालकों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर आरोप-प्रत्यारोप लगाया जा रहा है। उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने पर धमकी देने वाले कर्मचारी की जांच कराई जाएगी।
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