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दुर्गापूजा: 950 स्थानों पर लगेंगे पंडाल
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ज्ञानपुर। दुर्गापूजा की तैयारियां तेज हो गईं हैं। 29 सितंबर से शारदीय नवरात्र शुरू होगा। इसके साथ ही जगह-जगह पूजा पंडाल स्थापित कर आदिशक्ति की आराधना शुरू हो जाएगी। इस बार भी जिले में पिछले वर्ष जितने ही पंडाल बनाने की तैयारी है। पिछले वर्ष जिले में करीब 950 छोटे-बड़े पूजा पंडाल स्थापित किए गए थे। जिले के कुछ स्थानों पर बनने वाले पंडाल आकर्षण का केंद्र बनते हैं, जहां देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है।
आस्थावानों के प्रमुख पर्वों में शामिल नवरात्र की तैयारी महीने भर पूर्व से ही शुरू हो जाती है। नौ दिनों तक देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु गांव से लेकर शहर तक मां की प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। 29 सितंबर से शुरू हो रहे नवरात्र में आकर्षक पंडालों का निर्माण करने वाली समितियों का कामकाज शुरू हो गया है। सैकड़ों क्विंटल लोहा, लकड़ी, कपड़े से पंडाल को सजाया जा रहा है। गोपीगंज के काली देवी मंदिर के समीप आस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित दुर्गा मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि मोढ़ क्षेत्र के सियरहां में कोलकाता के श्रीभूमि मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया जा रहा है। इसी तरह ज्ञानपुर के हरिहरनाथ मंदिर, कांवल, भदोही नगर और औराई चौराहे पर आकर्षक पंडाल बनते हैं।
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दो सौ पंडाल ग्रामीणों ने लगाए
प्रशासनिक आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो वर्ष 2018 में कुल 950 के करीब छोटे-बड़े पंजीकृत पंडाल स्थापित किए गए थे, जबकि 100 से 200 पंडाल ग्रामीणों ने खुद बिठाए थे, जो सरकारी रिकॉर्ड में नहीं आ पाए। इसी तरह विभिन्न स्थानों पर व्यक्तिगत तौर पर घर पर पंडाल स्थापित कर श्रद्धालु पूजा करते हैं।
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भदोही-घोसिया में संवेदनशील पंडाल
अपर पुलिस अधीक्षक आरके वर्मा ने कहा कि भदोही, घोसिया में कुछ पंडाल संवेदनशील हैं। उन स्थानों पर दो से तीन सिपाही या होमगार्ड तैनात किए जाएंगे। नए पंडाल स्थापित करने की अनुमति प्रशासनिक अफसरों के निर्देश पर दी जाएगी। अधिशासी अभियंता विद्युत मनोज कुमार सिंह ने कहा कि नवरात्र में पूजा पंडाल स्थापित करने वाली समितियों को गाइडलाइन भेजी जाएगी। बिना कनेक्शन लिए बिजली सप्लाई नहीं दी जाएगी।
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आस्थावानों के प्रमुख पर्वों में शामिल नवरात्र की तैयारी महीने भर पूर्व से ही शुरू हो जाती है। नौ दिनों तक देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु गांव से लेकर शहर तक मां की प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। 29 सितंबर से शुरू हो रहे नवरात्र में आकर्षक पंडालों का निर्माण करने वाली समितियों का कामकाज शुरू हो गया है। सैकड़ों क्विंटल लोहा, लकड़ी, कपड़े से पंडाल को सजाया जा रहा है। गोपीगंज के काली देवी मंदिर के समीप आस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित दुर्गा मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि मोढ़ क्षेत्र के सियरहां में कोलकाता के श्रीभूमि मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया जा रहा है। इसी तरह ज्ञानपुर के हरिहरनाथ मंदिर, कांवल, भदोही नगर और औराई चौराहे पर आकर्षक पंडाल बनते हैं।
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दो सौ पंडाल ग्रामीणों ने लगाए
प्रशासनिक आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो वर्ष 2018 में कुल 950 के करीब छोटे-बड़े पंजीकृत पंडाल स्थापित किए गए थे, जबकि 100 से 200 पंडाल ग्रामीणों ने खुद बिठाए थे, जो सरकारी रिकॉर्ड में नहीं आ पाए। इसी तरह विभिन्न स्थानों पर व्यक्तिगत तौर पर घर पर पंडाल स्थापित कर श्रद्धालु पूजा करते हैं।
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भदोही-घोसिया में संवेदनशील पंडाल
अपर पुलिस अधीक्षक आरके वर्मा ने कहा कि भदोही, घोसिया में कुछ पंडाल संवेदनशील हैं। उन स्थानों पर दो से तीन सिपाही या होमगार्ड तैनात किए जाएंगे। नए पंडाल स्थापित करने की अनुमति प्रशासनिक अफसरों के निर्देश पर दी जाएगी। अधिशासी अभियंता विद्युत मनोज कुमार सिंह ने कहा कि नवरात्र में पूजा पंडाल स्थापित करने वाली समितियों को गाइडलाइन भेजी जाएगी। बिना कनेक्शन लिए बिजली सप्लाई नहीं दी जाएगी।