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बारिश में ही ‘बह’ गए करोड़ों

Mon, 06 Jul 2020 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 11:12 PM IST
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Crores were 'swept away' in the rain
ज्ञानपुर। मानसून की पहली बारिश के बाद ही जिले में सड़कों की तस्वीर बदल गई है। करीब आठ से साढ़े आठ करोड़ की लागत से बनी सड़कों की बारिश ने पोल खोल दी। बदहाल सड़कों से गुजरते समय वाहन चालकों संग आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। जिले में बारिश से पूर्व गड्ढामुक्त अभियान के तहत चिह्नित 782 छोटी और बड़ी सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण पर लोक निर्माण विभाग ने साढ़े आठ करोड़ की रकम खर्च की।
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ठेकेदारों और विभागीय तालमेल से सड़क बनाने में मानक का ध्यान नहीं दिया गया। इससे मानसून की पहली बारिश में ही सड़कें उखड़ गईं। कई स्थानों पर सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ज्ञानपुर-लालानगर मार्ग, हॉस्टल चौराहे से मुख्यालय मार्ग, जिला मुख्यालय से चककलूटी मार्ग समेत अन्य सड़कें जगह-जगह टूट गईं हैं। बारिश में गहरे गड्ढे बदहाल सड़कों की तस्वीर पेश कर रहे हैं। गड्ढों की वजह से दुर्घटनाएं भी हो रहीं हैं। नगर पंचायत खमरिया के वार्ड चार भुजवा का शिवाला और वार्ड 13 मधईपुर में लाखों की लागत से बनी इंटरलॉकिंग की दीवार पहली बारिश में ध्वस्त हो गई। भाजयुमो जिलामंत्री संदीप कुमार मौर्य ने कहा कि भ्रष्ट ठेकेदारों के कारण इंटरलॉकिंग ध्वस्त हो गई। भाजपा जिलाध्यक्ष के माध्यम से डीएम से शिकायत कर जांच कराई जाएगी। वहीं दूसरी ओर पाली-सुरियावां मार्ग पर कसियापुर से शीतला माता मंदिर मार्ग टूटकर जमींदोज हो चुकी है। दो दशक पूर्व बनी सड़क की हालत चलने लायक नहीं है।
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इससे श्रद्धालुओं से लेकर आम ग्रामीण को गुजरना मुश्किल हो गया है। भरतराज सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने उक्त सड़क के निर्माण की मांग की। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग हीरामणि वर्मा ने कहा कि जल निकासी के अभाव में बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। इससे सड़कें टूटने की आशंका बढ़ जाती है। पीडब्ल्यूडी और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक सड़क बनाने वाले ठेकेदार सड़कों के निर्माण में मानक का ध्यान नहीं देते। कमीशनखोरी के कारण ठेकेदार सड़कों में तारकोल की जगह काला तेल का इस्तेमाल करते हैं, जिससे बारिश के बाद सड़कें टूटकर ध्वस्त हो जाती हैं।
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