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घूसकांड में जांच हुई तो कई अफसरों की फंसेगी गर्दन

Fri, 04 Jan 2019 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jan 2019 11:15 PM IST
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घूसकांड में जांच हुई तो कई अफसरों की फंसेगी गर्दन

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ज्ञानपुर। सुरियावां के नेता नगर में 50 हजार के घूसकांड की आंच कई अफसरों के गर्दन तक पहुंच सकती है। आबादी दर्ज कराने के नाम पर लेखपाल की ओर से 50 हजार रिश्वत की मांग ने कई सवाल को खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी रकम लेेखपाल खुद के लिए मांग रहा था या इसके पीछे रिमोट किसी और का चल रहा था। यह तो जांच के बाद तय होगा। ताजी कार्रवाई से एंटी करप्शन के रडार पर कई तहसील अफसरों का आना तय माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार को लेकर जहां सख्त है, वहीं सरकारी मुलाजिम रिश्वत के मोह से बाहर नहीं निकल रहे हें। तहसील से लेकर एआरटीओ दफ्तर, शिक्षा से लेकर कलेक्ट्रेट तक रिश्वत का मायाजाल फैला हुआ है। छोटे से लेकर बड़े स्तर तक काम कराने के लिए एक रेट का निर्धारण किया गया है, जिसे कराने के लिए आवेदक को उसी रेट के अनुसार रकम देनी पड़ती है। करीब एक दशक पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के एक बाबू की जांच एंटी करप्शन की टीम ने किया था। तहसीलों में घुसखोरी की जड़ें इतनी मजबूत है कि तमाम सख्ती के बाद भी उस पर रोकथाम नहीं लग पा रही है। एक चैनल के साथ सारी प्रक्रिया अपनाई जाती है। अलग-अलग विभागों में करोड़ो के बाबूओं पर भी शिकंजा कसे तो बड़े-बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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