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ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:42 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। डीघ ब्लॉक के मरसड़ा गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी हर्षवर्धन को वित्तीय अनियमितता के मामले में निलंबित कर दिया गया है। गांव में छह शौचालयों के आधे-अधूरे निर्माण और दो लाभार्थियों के आवास बनवाए बिना ही धन निकालकर लगभग एक लाख रुपये का गबन कर लेने के मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी ने निलंबित कर दिया। सेक्रेटरी पर वित्तीय वर्ष 2011-12 में बिना स्ट्रीट लाइट लगवाए ही धन का गबन करने का भी आरोप है।
मरसड़ा गांव में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बनाए गए शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गई। इसमें छह शौचालय आधे-अधूरे मिले। 12 हजार प्रति शौचालय के हिसाब से 72 हजार रुपये के गबन में सेक्रेटरी हर्षवर्धन दोषी पाए गए। साथ ही दो लाभार्थियों दिनेश कुमार और अशोक कुमार के शौचालय बिना बनवाए ही सूची में नाम डलवाकर 24 हजार रुपये का गबन कर लिया। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2011-12 में स्ट्रीट लाइट लगाए बिना ही पांच रुपये का गबन कर लिया। सेक्रेटरी के खिलाफ कुल एक लाख एक हजार की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई। जांच में मामले सही पाए जाने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी ने सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया। निलंबित सेक्रेटरी के विभागीय कार्यों की जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी सुरियावां को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
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मरसड़ा गांव में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बनाए गए शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गई। इसमें छह शौचालय आधे-अधूरे मिले। 12 हजार प्रति शौचालय के हिसाब से 72 हजार रुपये के गबन में सेक्रेटरी हर्षवर्धन दोषी पाए गए। साथ ही दो लाभार्थियों दिनेश कुमार और अशोक कुमार के शौचालय बिना बनवाए ही सूची में नाम डलवाकर 24 हजार रुपये का गबन कर लिया। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2011-12 में स्ट्रीट लाइट लगाए बिना ही पांच रुपये का गबन कर लिया। सेक्रेटरी के खिलाफ कुल एक लाख एक हजार की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई। जांच में मामले सही पाए जाने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी ने सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया। निलंबित सेक्रेटरी के विभागीय कार्यों की जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी सुरियावां को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
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