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लेखपाल ने बना दिया 3.60 रुपए का वार्षिकआय प्रमाण
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:07 AM IST
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लालानगर (भदोही)।
शासन की सख्ती के बाद भी सरकारी कर्मचारी लापरवाही करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक लेखपाल ने एक छात्र का 3.60 रुपये का वार्षिक आय प्रमाणपत्र बना दिया, जिससे छात्र की परेशानी बढ़ गई है।
सरकारी विभागों के कर्मचारी आखिर कब सुधरेंगे, यह जनता की समझ से परे हो गया है। लोगों का कहना है कि क्या आम जनता को हमेशा परेशान ही होना पड़ेगा। डीघ ब्लॉक के गांधी गांव निवासी अरविंद कुमार पुत्र मिट्ठल दलित, जो इंटरमीडिएट का छात्र है। उसने छात्रवृत्ति की खातिर आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और 11 सितंबर 2017 को तहसील से अरविंद का आय प्रमाणपत्र जारी किया गया लेकिन जारी प्रमाणपत्र में अरविंद के परिवार की कुल वार्षिक आय 3.60 रुपये दर्शाई गई है। प्रमाणपत्र जारी करते समय न तो लेखपाल और न ही तहसीलदार ने इस पर ध्यान दिया। आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इस मामले में किसकी लापरवाही कही जाए, यह अरविंद भी नहीं समझ पा रहा है। ज्ञानपुर तहसीलदार ने कहा कि इस मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।
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शासन की सख्ती के बाद भी सरकारी कर्मचारी लापरवाही करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक लेखपाल ने एक छात्र का 3.60 रुपये का वार्षिक आय प्रमाणपत्र बना दिया, जिससे छात्र की परेशानी बढ़ गई है।
सरकारी विभागों के कर्मचारी आखिर कब सुधरेंगे, यह जनता की समझ से परे हो गया है। लोगों का कहना है कि क्या आम जनता को हमेशा परेशान ही होना पड़ेगा। डीघ ब्लॉक के गांधी गांव निवासी अरविंद कुमार पुत्र मिट्ठल दलित, जो इंटरमीडिएट का छात्र है। उसने छात्रवृत्ति की खातिर आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया और 11 सितंबर 2017 को तहसील से अरविंद का आय प्रमाणपत्र जारी किया गया लेकिन जारी प्रमाणपत्र में अरविंद के परिवार की कुल वार्षिक आय 3.60 रुपये दर्शाई गई है। प्रमाणपत्र जारी करते समय न तो लेखपाल और न ही तहसीलदार ने इस पर ध्यान दिया। आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इस मामले में किसकी लापरवाही कही जाए, यह अरविंद भी नहीं समझ पा रहा है। ज्ञानपुर तहसीलदार ने कहा कि इस मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।
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