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अपहरण एवं दुष्कर्म के दोषी को 10 साल सश्रम कारावास
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:11 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक की अदालत ने अपहरण एवं दुष्कर्म के दोषी को 10 साल सश्रम कारावास और 32 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। चौरी के एक गांव में तीन साल पूर्व हुई घटना में कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, चौरी थाना क्षेत्र के एक गांव के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी 19 वर्षीय बेटी 12 दिसंबर 2014 को सुबह नौ बजे कॉलेज जा रही थी। कंधिया फाटक के समीप आरोपी अनुराग, जो अक्सर उसके गांव जाता था, लड़की को बहलाकर अपने साथ कहीं लेकर चला गया। लड़की के घर न आने पर मैंने तलाश की लेकिन नहीं मिलने पर थाने में सूचना दी। चौरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की ओर से दुष्कर्म की धारा बढ़ाते हुए न्यायालय में आरोपपत्र प्रेषित किया गया। न्यायालय में गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश मृदुल कुमार मिश्र की अदालत ने अनुराग को दोषी पाते हुए 10 साल सश्रम कारावास और 32 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से बहस-पैरवी शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने की।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक की अदालत ने अपहरण एवं दुष्कर्म के दोषी को 10 साल सश्रम कारावास और 32 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। चौरी के एक गांव में तीन साल पूर्व हुई घटना में कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, चौरी थाना क्षेत्र के एक गांव के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी 19 वर्षीय बेटी 12 दिसंबर 2014 को सुबह नौ बजे कॉलेज जा रही थी। कंधिया फाटक के समीप आरोपी अनुराग, जो अक्सर उसके गांव जाता था, लड़की को बहलाकर अपने साथ कहीं लेकर चला गया। लड़की के घर न आने पर मैंने तलाश की लेकिन नहीं मिलने पर थाने में सूचना दी। चौरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की ओर से दुष्कर्म की धारा बढ़ाते हुए न्यायालय में आरोपपत्र प्रेषित किया गया। न्यायालय में गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश मृदुल कुमार मिश्र की अदालत ने अनुराग को दोषी पाते हुए 10 साल सश्रम कारावास और 32 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से बहस-पैरवी शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने की।
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