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करंट से संविदा लाइनमैन की मौत
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घोसिया के राजापुर में रोते-बिलखते मृतक जोगेश बिंद के परिजन।
- फोटो : BHADOHI
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औराई/घोसिया। विद्युत उपकेंद्र घोसिया पर तैनात संविदा लाइनमैन योगेश कुमार बिंद (30) पुत्र रामबली बिंद निवासी वार्ड नंबर चार राजापुर-घोसिया की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। परिजनों ने शव को उपकेंद्र के पास रखकर मुआवजे की मांग की। जेई मनीष कुमार सिंह, थानाध्यक्ष रामजी यादव ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों की तहरीर पर उपकेंद्र के एसएसओ समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
योगेश बेसिल कंपनी की ओर से बतौर संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत था और बुधवार की रात फस्ट फीडर का शटडाउन लेकर सेकेंड फीडर पर आई खराबी दूर कर रहा था। उसी समय वह करंट की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौत हो गई। जानकारी होने पर परिजन शव को उपकेंद्र पर रख मुआवजा की मांग करते हुए आरोप लगाया कि जब उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारियों को यह पता था कि शटडाउन है तो एसएसओ संदीप सरोज, एसएचओ राजू श्रीवास्तव, राकेश कुमार, रामशृंगार ने जानबूझ कर आपूर्ति चालू कर दी। इससे उनके पुत्र की मौत हो गई। चर्चा रही कि मृतक उपकेंद्र के निर्माण से ही देखभाल करते हुए काम पाया था और पूर्व में आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण दरी की बुनाई कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था।
मृतक तीन बच्चों का पिता भी बताया गया है, जो अभी नाबालिग हैं। मौत से पत्नी गुड्डी देवी सहित पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल था। जेई मनीष कुमार सिंह का कहना रहा कि शटडाउन के बाद भी लाइन चालू करने की जांच कराई जाएगी।
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थानाध्यक्ष रामजी यादव ने कहा कि तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। बेसिल कंपनी के कोऑर्डिनेटर शाश्वत ओझा ने कहा कि मृतक ने एक मई से काम की जिम्मेदारी संभाली थी। इंश्योरेंस के तहत परिवार को लगभग पांच लाख रुपये मिलेंगे।
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योगेश बेसिल कंपनी की ओर से बतौर संविदा लाइनमैन के पद पर कार्यरत था और बुधवार की रात फस्ट फीडर का शटडाउन लेकर सेकेंड फीडर पर आई खराबी दूर कर रहा था। उसी समय वह करंट की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौत हो गई। जानकारी होने पर परिजन शव को उपकेंद्र पर रख मुआवजा की मांग करते हुए आरोप लगाया कि जब उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारियों को यह पता था कि शटडाउन है तो एसएसओ संदीप सरोज, एसएचओ राजू श्रीवास्तव, राकेश कुमार, रामशृंगार ने जानबूझ कर आपूर्ति चालू कर दी। इससे उनके पुत्र की मौत हो गई। चर्चा रही कि मृतक उपकेंद्र के निर्माण से ही देखभाल करते हुए काम पाया था और पूर्व में आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण दरी की बुनाई कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था।
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मृतक तीन बच्चों का पिता भी बताया गया है, जो अभी नाबालिग हैं। मौत से पत्नी गुड्डी देवी सहित पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल था। जेई मनीष कुमार सिंह का कहना रहा कि शटडाउन के बाद भी लाइन चालू करने की जांच कराई जाएगी।
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थानाध्यक्ष रामजी यादव ने कहा कि तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। बेसिल कंपनी के कोऑर्डिनेटर शाश्वत ओझा ने कहा कि मृतक ने एक मई से काम की जिम्मेदारी संभाली थी। इंश्योरेंस के तहत परिवार को लगभग पांच लाख रुपये मिलेंगे।