ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शुमार गोशाला का निर्माण विभागीय लापरवाही के कारण लटकता दिख रहा है। लगभग तीन माह से राजस्व और पशुपालन विभाग के लिए डीघ ब्लॉक में चौथी गोशाला का निर्माण चुनौती बना हुआ है। ब्लॉक क्षेत्र के तीन गांवों में गोशाला होने के बाद भी सड़क और खेतों में छुट्टा घूमने वाले पशुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर पशुपालन विभाग ने दरवांसी गांव में गोशाला निर्माण का निर्णय लिया था। सदर तहसील के अधिकारियों ने राजस्व टीम के साथ खाली पड़ी जमीन का स्थलीय निरीक्षण किया, लेकिन फाइनल रिपोर्ट अब तक नहीं लग पाने के कारण गोशाला निर्माण अधर में लटक गया है। जबकि पशुपालन विभाग, जिला पशु संरक्षण समिति की देखरेख में अब तक 21 अस्थायी और दो स्थायी गोशालों का निर्माण कराकर 3300 से अधिक पशुओं का संरक्षण कराया तो जा रहा है, लेकिन वह नाकाफी नजर आ रहा है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क, खेत और गलियों में बेसहारा होकर इधर-उधर भटक रहे पशुओं को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि समिति और विभाग सरकार के लक्ष्य को पाने में कितना प्रयत्नशील है। किसान निर्भय सिंह, सुनील सिंह, शिवपूजन सिंह, अरुण सिंह, आनंद सिंह ने कहा कि तहसील अधिकारी, राजस्व विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही बाधक बन रही है। गोशाला निर्माण करा दिया जाए तो खरीफ की फसल में नुकसान उठाने वालों को रबी सीजन में भरपायी मिल जाएगी। सीवीओ डॉ. जेडी सिंह ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट एसडीएम को भेज चुके हैं। अनुमति मिले तो निर्माण में देर नहीं लगेगी।