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Bhadohi News: यूपीआई पेमेंट पर टैक्स के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
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यूपीआई पर टैक्स के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते कांग्रेसी। स्रोत: पार्टी
जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।
दो हजार से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर व्यापारियों से 0.4 प्रतिशत टैक्स लगाए जाने पर विरोध जताया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर प्रस्तावित टैक्स वापस लेने की मांग की।
प्रदेश कोआर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय ने कहा कि डिजिटल भुगतान और यूपीआई ने आम लोगों के साथ छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, मजदूरों और मध्यम वर्ग के लिए लेनदेन आसान किया है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर कारोबार तक करोड़ों लोग यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऐसे में दो हजार रुपए से अधिक के लेनदेन पर अतिरिक्त टैक्स से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है।
डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क या टैक्स बढ़ने से व्यापारियों की लागत प्रभावित हो सकती है और इसका असर आगे उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से टैक्स वापस लेने और छोटे-मध्यम व्यापारियों पर डिजिटल भुगतान का अतिरिक्त बोझ नहीं डालने की मांग की। इस मौके पर राजन दूबे, राजेंद्र दुबे, अवधेश पाठक, विनोद, जजलाल, अजय प्रताप, महेंद्र, त्रिलोकीनाथ बिंद्रा, गुलाब प्रजापति माैजूद रहे।
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दो हजार से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर व्यापारियों से 0.4 प्रतिशत टैक्स लगाए जाने पर विरोध जताया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर प्रस्तावित टैक्स वापस लेने की मांग की।
प्रदेश कोआर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय ने कहा कि डिजिटल भुगतान और यूपीआई ने आम लोगों के साथ छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, मजदूरों और मध्यम वर्ग के लिए लेनदेन आसान किया है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर कारोबार तक करोड़ों लोग यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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ऐसे में दो हजार रुपए से अधिक के लेनदेन पर अतिरिक्त टैक्स से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है।
डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क या टैक्स बढ़ने से व्यापारियों की लागत प्रभावित हो सकती है और इसका असर आगे उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से टैक्स वापस लेने और छोटे-मध्यम व्यापारियों पर डिजिटल भुगतान का अतिरिक्त बोझ नहीं डालने की मांग की। इस मौके पर राजन दूबे, राजेंद्र दुबे, अवधेश पाठक, विनोद, जजलाल, अजय प्रताप, महेंद्र, त्रिलोकीनाथ बिंद्रा, गुलाब प्रजापति माैजूद रहे।
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