औराई। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर कैंट-वाराणसी और सिविल लाइंस-प्रयागराज डिपो की बसों को लेकर रफ्तार भर रहे लापरवाह रोडवेज बस चालक-परिचालकों के खिलाफ विभागीय अभियान ठंडा पड़ते ही एक बार फिर लापरवाही हो रही है। स्थाई स्टाप पर बसों का अभाव तो अस्थाई स्टापों पर मुफ्त में बंट रहे खाना-पानी का चक्कर आने वाले दिनों में यात्रियों के लिए कहीं भारी न पड़ जाए। यात्री आनंदसेन, प्रभुनारायण, रामकुमार, शुभम, आशीष ने सवाल उठाया है कि जैसे-जैसे राजमार्ग पर आवागमन की सुविधा को केंद्र और प्रदेश सरकार सरल बना रहा है वैसे-वैसे कुछ बस चालक व परिचालक अपनी मनमानी कर रहे हैं। करीब सवा सौ किलोमीटर वाले वाराणसी-प्रयागराज रुट पर वाराणसी-सिविल लाइंस, काशी ग्रामीण डिपो की लगभग 150 छोटी-बड़ी बसें चलती हैं। राजमार्ग पर औराई चौराहा, ज्ञानपुर में दुर्गागंज रोड और भदोही के जमुनीपुर में करोड़ों रुपये की लागत से स्टेशन का निर्माण कराकर क्षेत्रीय अधिकारियों ने हैंडओवर भी कर लिया है। ज्ञानपुर के दुर्गागंज रोड स्थित स्टेशन की हालत यह है कि परिसर गंदगी से पटा है। मुख्य गेट पर फल दुकानदारों का अवैध कब्जा है। यहां लगभग आठ माह से एक भी बसों का संचालन नहीं हो सका है। शनिवार को औराई स्टेशन में लगभग एक घंटे तक इंतजार कर डग्गामार वाहन से यात्रा करते हुए गतंव्य को रवाना होने वाली संगीता देवी, मधु, सुनीता ने बताया कि चालक-परिचालक स्टेशन के अंदर और बाहर बसों को रोकने की बजाय दो-किलोमीटर आगे-पीछे रोकते हैं जहां चालकों-परिचालकों को मुफ्त में खाना मिलता है। धूप, गर्मी, बरसात कोई भी मौसम हो यात्रियों की सुरक्षा हमेशा खतरे में रहती है।