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Bhadohi News: सीवीओ कार्यालय का क्लर्क 15 हजार रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
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वाराणसी विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय के कनिष्ठ सहायक मलेंद्र कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की टीम को कार्यालय में देखकर सीवीओ डॉ. दृगपाल सिंह अपनी गाड़ी छोड़कर पैदल ही कार्यालय से बाहर चले गए। सीवीओ का बीते 16 जनवरी को ही बस्ती में स्थानांतरण हो गया है। इसके बाद भी वे जिले में डटे हुए है।
बलिया के रसड़ा सुल्तानपुर निवासी मलेंद्र कुमार सिंह जिले में पशु पालन विभाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात है। कनिष्ठ सहायक होने के बाद भी इन्हें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दृगपाल सिंह ने अपने कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक की जिम्मेदारी दे दी थी। डीघ पशु अस्पताल में तैनात वेटरनरी फार्मासिस्ट रोहित कुमार सिंह को बीते मई, अगस्त, अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर का माह का वेतन नहीं मिला था। रोहित सिंह ने विजिलेंस की टीम से वेतन जारी करने के लिए कनिष्ठ सहायक की ओर से पैसा मांगने की शिकायत की थी।इसके बाद विजिलेंस की टीम ने प्लानिंग कर ज्ञानपुर-गोपीगंज रोड स्थित मंडलीय पशु चिकित्सालय कार्यालय पहुंची। शिकायकर्ता रोहित सिंह ने जैसे ही मलेंद्र को 15 हजार रुपये थमाए, वैसे ही विजिलेंस की टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस बीच मौका देखकर सीवीओ डॉ. दृगपाल सिंह अपनी गाड़ी छोड़ पैदल ही कार्यालय से बाहर चले गए। विजिलेंस की टीम आरोपी को पकड़कर वाराणसी ले गई।
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चर्चा : कहीं सीवीओ को तो पकड़ने नहीं आई थी टीम
सीवीओ कार्यालय में विजिलेंस टीम की दबिश के बाद चर्चाएं शुरू हो गईं। चर्चा रही कि 16 जनवरी को ही बस्ती जनपद में स्थानांतरण होने के बाद भी सीवीओ जिले में डटे हुए थे। चर्चा यह भी रही कि फार्मासिस्ट का वेतन सीवीओ द्वारा ही रोका गया था। उसके बदले कनिष्ठ सहायक के माध्यम से पैसे की मांग की जा रही थी। शुक्रवार को विजिलेंस की टीम के पहुंचते ही सीवीओ कार्यालय छोड़कर चले गए।
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बलिया के रसड़ा सुल्तानपुर निवासी मलेंद्र कुमार सिंह जिले में पशु पालन विभाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात है। कनिष्ठ सहायक होने के बाद भी इन्हें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दृगपाल सिंह ने अपने कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक की जिम्मेदारी दे दी थी। डीघ पशु अस्पताल में तैनात वेटरनरी फार्मासिस्ट रोहित कुमार सिंह को बीते मई, अगस्त, अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर का माह का वेतन नहीं मिला था। रोहित सिंह ने विजिलेंस की टीम से वेतन जारी करने के लिए कनिष्ठ सहायक की ओर से पैसा मांगने की शिकायत की थी।इसके बाद विजिलेंस की टीम ने प्लानिंग कर ज्ञानपुर-गोपीगंज रोड स्थित मंडलीय पशु चिकित्सालय कार्यालय पहुंची। शिकायकर्ता रोहित सिंह ने जैसे ही मलेंद्र को 15 हजार रुपये थमाए, वैसे ही विजिलेंस की टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस बीच मौका देखकर सीवीओ डॉ. दृगपाल सिंह अपनी गाड़ी छोड़ पैदल ही कार्यालय से बाहर चले गए। विजिलेंस की टीम आरोपी को पकड़कर वाराणसी ले गई।
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चर्चा : कहीं सीवीओ को तो पकड़ने नहीं आई थी टीम
सीवीओ कार्यालय में विजिलेंस टीम की दबिश के बाद चर्चाएं शुरू हो गईं। चर्चा रही कि 16 जनवरी को ही बस्ती जनपद में स्थानांतरण होने के बाद भी सीवीओ जिले में डटे हुए थे। चर्चा यह भी रही कि फार्मासिस्ट का वेतन सीवीओ द्वारा ही रोका गया था। उसके बदले कनिष्ठ सहायक के माध्यम से पैसे की मांग की जा रही थी। शुक्रवार को विजिलेंस की टीम के पहुंचते ही सीवीओ कार्यालय छोड़कर चले गए।