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गति नहीं पकड़ा पा रहा ओवरब्रिज निर्माण
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भदोही। नगर के अहमदगंज गजिया रेलवे फाटक ओवरब्रिज का निर्माण गति नहीं पकड़ पा रहा है। रेलवे फाटक मार्ग पूरी तरह से बंद कर रेलवे ने ओवर ब्रिज पर निर्माण तो शुरू कर दिया, लेकिन साढ़े तीन माह बाद भी तीन पिलर नहीं खड़े किए जा सके। चूंकि रास्ता बंद कर निर्माण हो रहा है इससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। विशेष रूप से वे लोग अधिक परेशान हैं, जिनके घर रेलवे फाटक के आसपास हैं। लोगों ने रेलवे से निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है।
महीनों से ठप पड़े आरओबी में रेलवे ने अपने हिस्से का निर्माण गत 28 अप्रैल से शुरू किया था। निर्माण शुरू करने के लिए सबसे पहले रेलवे फाटक मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इससे लोगों को दिक्कत तो हुई लेकिन लोगों को लगा कि शीघ्र रेलवे अपना काम पूरा कर रास्ता खोल देगा। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। हाल यह है कि रास्ता बंद करने के साढ़े तीन महीने बाद भी रेलवे तीन पिलर तक नहीं खड़ा कर सका है। लोगों ने कहा कि रास्ता बंद करने के दो महीने बाद से वर्षा शुरू हुई। उस क्षेत्र के दुकानदारों का मानना है कि रेलवे को मालूम था कि बरसात का मौसम आने वाला है। ऐसे में काम बरसात पूर्व ही पूरा किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
काम लंबा खिंचने से न केवल कांवरियों को दूसरे रास्ते से आना जाना पड़ा है बल्कि रास्ता बंद होने से आए दिन यातायात अव्यवस्था हो रही है। दूर दूर से बस-ट्रक फाटक पर आकर खड़े हो जाते हैं जिन्हें सिंगल रोड पर वापस लौटना कठिन हो जाता है। इसके अलावा दुपहिया व चार पहिया वाहनों को भी आए दिन दुश्वारियों का सामना करते देखा जाता है। क्षेत्र के रमेश प्रजापति, शिव प्रसाद मोदनवाल, विनोद गुप्ता, किशन जायसवाल ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी दुकानदारों को हो रही है। इधर मुश्किल से कोई खरीदारी करने आता है। बावजूद इसके काम अपनी गति से हो रहा है और कोई जनप्रतिनिधि उनसे पूछने वाला नहीं है। लोगों ने कहा कि यदि इसी गति से काम होता रहा तो एक से डेढ़ साल में रेलवे का काम पूरा होगा। लोंगों ने अधिकारियों का ध्यानाकृष्ट कराते हुए काम में तेजी लाने की मांग की है।
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पिलर खड़ा करना आसान है, लेकिन उनका बेस तैयार करने में समय लगता है। बेस के लिए खोदाई में काफी समय लग गया। ऊपर से बरसात से भी दिक्कत हुई है। अब हम पिलर ढालने के करीब पहुंच चुके हैं। अब काम तेजी से होगा। अब हम अपना काम पूरा करने के बाद ही रुकेंगे। - जितेंद्र शर्मा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, उत्तर रेलवे लखनऊ
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महीनों से ठप पड़े आरओबी में रेलवे ने अपने हिस्से का निर्माण गत 28 अप्रैल से शुरू किया था। निर्माण शुरू करने के लिए सबसे पहले रेलवे फाटक मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इससे लोगों को दिक्कत तो हुई लेकिन लोगों को लगा कि शीघ्र रेलवे अपना काम पूरा कर रास्ता खोल देगा। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। हाल यह है कि रास्ता बंद करने के साढ़े तीन महीने बाद भी रेलवे तीन पिलर तक नहीं खड़ा कर सका है। लोगों ने कहा कि रास्ता बंद करने के दो महीने बाद से वर्षा शुरू हुई। उस क्षेत्र के दुकानदारों का मानना है कि रेलवे को मालूम था कि बरसात का मौसम आने वाला है। ऐसे में काम बरसात पूर्व ही पूरा किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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काम लंबा खिंचने से न केवल कांवरियों को दूसरे रास्ते से आना जाना पड़ा है बल्कि रास्ता बंद होने से आए दिन यातायात अव्यवस्था हो रही है। दूर दूर से बस-ट्रक फाटक पर आकर खड़े हो जाते हैं जिन्हें सिंगल रोड पर वापस लौटना कठिन हो जाता है। इसके अलावा दुपहिया व चार पहिया वाहनों को भी आए दिन दुश्वारियों का सामना करते देखा जाता है। क्षेत्र के रमेश प्रजापति, शिव प्रसाद मोदनवाल, विनोद गुप्ता, किशन जायसवाल ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी दुकानदारों को हो रही है। इधर मुश्किल से कोई खरीदारी करने आता है। बावजूद इसके काम अपनी गति से हो रहा है और कोई जनप्रतिनिधि उनसे पूछने वाला नहीं है। लोगों ने कहा कि यदि इसी गति से काम होता रहा तो एक से डेढ़ साल में रेलवे का काम पूरा होगा। लोंगों ने अधिकारियों का ध्यानाकृष्ट कराते हुए काम में तेजी लाने की मांग की है।
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पिलर खड़ा करना आसान है, लेकिन उनका बेस तैयार करने में समय लगता है। बेस के लिए खोदाई में काफी समय लग गया। ऊपर से बरसात से भी दिक्कत हुई है। अब हम पिलर ढालने के करीब पहुंच चुके हैं। अब काम तेजी से होगा। अब हम अपना काम पूरा करने के बाद ही रुकेंगे। - जितेंद्र शर्मा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, उत्तर रेलवे लखनऊ