ज्ञानपुर। दीपावली का उत्साह अभी से जोर-शोर पकड़ने लगा है। बाजारों में पटाखे बिकने शुरू हो गए है। इस साल स्कूली बच्चे पर्यावरण संरक्षण के लिए पटाखा रहित दीपावली मनाने संकल्प ले रहे है। बच्चे पौधरोपण और दीप जलाकर खुशी का पर्व मनाएंगे।
सोमवार को लखनो स्थित फ्रंटल चाणक्य स्कूल परिसर में प्रबंधक और शिक्षकों ने बच्चों को खतरनाक पटाखें नहीं खरीदने और उनसे दूर रहने का संकल्प दिलाया। बच्चों ने भी पटाखे से दूर रहने का शपथ लिया। बच्चों ने पटाखों की जगह दीप जलाकर और पौधरोपण कर उत्सव मनाने का भी संकल्प लिया। प्रबंधक मनोज चाणक्य ने कहा है कि दीपावली खुशियों का त्योहार है। इसमें पटाखा जलाकर पर्यावरण को दूषित करना, खुद को नुकसान पहुंचाना। दीपावली दीपों का त्योहार है न कि आतिशबाजी का। पटाखों से इतना प्रदूषण होता है कि सांस के मरीजों, बुजुर्गों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इसलिए पटाखा रहित दीपावली मनाएं। इस दौरान भारी संख्या में छात्र और शिक्षक मौजूद रहे । निजी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बनवारी लाल बिंद कहते है कि पटाखे फोड़ने से वातावरण में प्रदूषण बढ़ जाता है। जिससे सांस के रोगी ज्यादा बढ़ते है और साथ ही ऑपरेशन वाले मरीजों संग ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए पटाखे फोड़ना बहुत ही नुकसान दायक है।