{"_id":"69ac818d8d7cc7d2300f5279","slug":"childhood-anemia-10000-children-suffering-from-anemia-more-in-the-three-to-five-year-age-group-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-139934-2026-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: ब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: ब
विज्ञापन
थाने से लेकर उप संभागीय परिवहन कार्यालय में दलालों की अच्छी खासी सेटिंग होती है। इसकी एक बानगी शनिवार को गोपीगंज में देखने को मिली। जहां ओवरलोड में एआरटीओ ने ट्रक को सीज किया। उसे छुड़ाने के नाम पर एक दलाल ने चालक से पांच हजार ऐंठ लिए।
जब वाहन नहीं छूटा तो मामला सामने आया। एआरटीओ राम सिंह शनिवार को हाईवे पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान प्रयागराज से ओवरलोड पोषाहार लादकर वाराणसी जा रहे एक ट्रक को सीज कर गोपीगंज थाने में खड़ा कर दिया। थाने के बाहर ही एक व्यक्ति छुड़ाने के नाम पर चालक प्रदीप राजभर निवासी माधोपुर वाराणसी से 10 हजार की मांग की।
चालक ने विभागीय कर्मचारी समझकर पांच हजार दे दिया। कुछ देर बाद जब गाड़ी नहीं छूटी तो वाहन चालक उक्त व्यक्ति को कोतवाली के आसपास पता लगाने लगा, लेकिन पता नहीं चला। पीड़ित ने बाजार के एक रिश्तेदार को बुलाकर मामले को बताया।
विज्ञापन
मामला संज्ञान में आने पर थाने से लेकर उप संभागीय परिवहन कार्यालय के अफसर अवाक हो गए। एआरटीओ राम सिंह ने कहा कि ओवरलोड में वाहन सीज हुआ तो चालक को कार्यालय आना चाहिए। बिचौलियों के चक्कर में पड़ेंगे तो परेशान होंगे। संवाद
विज्ञापन
जब वाहन नहीं छूटा तो मामला सामने आया। एआरटीओ राम सिंह शनिवार को हाईवे पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान प्रयागराज से ओवरलोड पोषाहार लादकर वाराणसी जा रहे एक ट्रक को सीज कर गोपीगंज थाने में खड़ा कर दिया। थाने के बाहर ही एक व्यक्ति छुड़ाने के नाम पर चालक प्रदीप राजभर निवासी माधोपुर वाराणसी से 10 हजार की मांग की।
विज्ञापन
चालक ने विभागीय कर्मचारी समझकर पांच हजार दे दिया। कुछ देर बाद जब गाड़ी नहीं छूटी तो वाहन चालक उक्त व्यक्ति को कोतवाली के आसपास पता लगाने लगा, लेकिन पता नहीं चला। पीड़ित ने बाजार के एक रिश्तेदार को बुलाकर मामले को बताया।
विज्ञापन
मामला संज्ञान में आने पर थाने से लेकर उप संभागीय परिवहन कार्यालय के अफसर अवाक हो गए। एआरटीओ राम सिंह ने कहा कि ओवरलोड में वाहन सीज हुआ तो चालक को कार्यालय आना चाहिए। बिचौलियों के चक्कर में पड़ेंगे तो परेशान होंगे। संवाद