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चेहल्लुम:नहीं निकला जुलूस,चौक पर हुई दुआख्वानी
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ज्ञानपुर/भदोही। मोहर्रम का चेहल्लुम मंगलवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। अकीदतमंदों ने कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए जुलूस नहीं निकाला बल्कि परंपरा को निभाते हुए चौक पर छोटी ताजिया रखकर दुआख्वानी की। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिसकर्मी नगर, गांव, मोहल्लों तक में तैनात रहे।
शहीदाने-ए-कर्बला को खिराजे अकीदत पेश कर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में खिचड़ाव, मलीदा बनाकर फातिहा कर तबर्रुख बांटा गया। भदोही नगर के संवेदनशील स्थानों पर प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार राय गाइड लाइन का पालन कराने के लिए लगे रहे। मदरसा शमसिया तेगिया के प्रिंसिपल, मौलाना फैसल हुसैन अशर्फी ने कहा कि करबला का वाकया हमें शांति, सौहार्द का पैगाम देता है। उन्होंने बताया कि हजरत इमाम हुसैन ने यजीदी फौज के आगे झुकने से इंकार कर दिया था क्योंकि वे सचाई की राह पर थे। करबला की जंग के 1400 साल बाद भी लोग हजरत इमाम हुसैन को इज्जत व एहतराम के साथ याद करते हैं लेकिन यजीद का नाम लेने वाला कोई नहीं है।
उधर, बेलाल मुसाफिर खाना स्थित हेलाल बस्ती, अंबर नीम, कटरा बाजार सहित कुछ स्थानों पर छोटी ताजिया बनाकर इमाम चौकों पर रखा था। भले ही जुलूस पर प्रतिबंध रहा लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट दिखा। इमाम चौकों पर पुलिस की ड्यूटी लगा दी गई थी, जबकि शहर के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस चक्रमण करती मिली। इसी क्रम में गोपीगंज नगर, माधोसिंह, खमरिया, उगापुर, कठारी, सूफीनगर-गोधना, वहिदानगर, दरवांसी, सरायजगदीश-जंगीगंज, पूराकानूनगोयान, सुभाषनगर, मऊरामशाला, अभोली, दानूपुर, मतेथू, दुर्गागंज, सुरि यावां, घोसिया, सोनपुर-कटरा, धनतुलसी, वहिदानगर में शांतिपूर्व चेहल्लुम संपन्न हुआ।
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शहीदाने-ए-कर्बला को खिराजे अकीदत पेश कर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में खिचड़ाव, मलीदा बनाकर फातिहा कर तबर्रुख बांटा गया। भदोही नगर के संवेदनशील स्थानों पर प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार राय गाइड लाइन का पालन कराने के लिए लगे रहे। मदरसा शमसिया तेगिया के प्रिंसिपल, मौलाना फैसल हुसैन अशर्फी ने कहा कि करबला का वाकया हमें शांति, सौहार्द का पैगाम देता है। उन्होंने बताया कि हजरत इमाम हुसैन ने यजीदी फौज के आगे झुकने से इंकार कर दिया था क्योंकि वे सचाई की राह पर थे। करबला की जंग के 1400 साल बाद भी लोग हजरत इमाम हुसैन को इज्जत व एहतराम के साथ याद करते हैं लेकिन यजीद का नाम लेने वाला कोई नहीं है।
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उधर, बेलाल मुसाफिर खाना स्थित हेलाल बस्ती, अंबर नीम, कटरा बाजार सहित कुछ स्थानों पर छोटी ताजिया बनाकर इमाम चौकों पर रखा था। भले ही जुलूस पर प्रतिबंध रहा लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट दिखा। इमाम चौकों पर पुलिस की ड्यूटी लगा दी गई थी, जबकि शहर के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस चक्रमण करती मिली। इसी क्रम में गोपीगंज नगर, माधोसिंह, खमरिया, उगापुर, कठारी, सूफीनगर-गोधना, वहिदानगर, दरवांसी, सरायजगदीश-जंगीगंज, पूराकानूनगोयान, सुभाषनगर, मऊरामशाला, अभोली, दानूपुर, मतेथू, दुर्गागंज, सुरि यावां, घोसिया, सोनपुर-कटरा, धनतुलसी, वहिदानगर में शांतिपूर्व चेहल्लुम संपन्न हुआ।
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