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कामायनी एक्सप्रेस का रूट बदलने से परेशानी बढ़ी
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भदोही। उत्तर रेलवे के जंघई रेलखंड के फाफामऊ-प्रयाग स्टेशनों के बीच रेल पटरियों के दोहरीकरण पर काम चलने से इस रूट पर चल रही एकमात्र कामायनी एक्सप्रेस ट्रेन भी छीन ली गई है। प्रवासियों को मुंबई से लाने और यहां से वापस ले जाने के लिए इसे विशेष ट्रेन के तौर पर चलाया गया था। रेल मंत्रालय से बताया गया है कि 6 सितंबर तक यह ट्रेन वाया ज्ञानपुर रोड चलेगी और वहां भी इसका स्टॉपेज नहीं होगा। इसके चलते लोग 650 रुपये के बजाए 3200 रुपये खर्च कर बस से मुंबई लौटने को मजबूर हैं।
दरअसल इस ट्रेन को प्रवासियों को मुंबई से वापस लाने के लिए चलाया गया था। अब तक प्रवासी तो लौट चुके थे लेकिन रोजगार और नौकरी पेशा वालों का धीरे धीरे लौटने का क्रम शुरू हो गया था। चूंकि कोरोना के चलते रेलवे केवल आरक्षित टिकट वालों को यात्रा करने दे रहा था इसलिए लौटने के लिए मुंबई के टिकटों की मारामारी हो रही है।
आलमपुर के अरशद बशीर ने बताया कि वे भिवंडी में काम करते थे। लूम संचालक अब बुला रहे हैं। इसलिए जाना जरूरी है। पिछले दस दिन से तत्काल टिकट निकालने के प्रयास में लगा था लेकिन आधी रात से ही लंबी लाइन लगने से मेरा टिकट नहीं बन पा रहा था। इस बीच कामायनी का रूट भी बदल दिया गया जिससे स्थिति और बदतर हो गई। अरशद ने बताया कि अंतत: उसने मुंबई जा रही एक बस का टिकट लिया जो 32 सौ रुपये में मिला।
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कांग्रेस पीसीसी सदस्य मसूद आलम ने कहा कि केंद्र सरकार संवेदनहीन हो गई है। अनलॉक में ट्रेनें बढ़ाना चाहिए। लोग अभी भी 6 सौ के टिकट के बदले 3 हजार से 4 हजार में तत्काल टिकट लेने को मजबूर हैं। उन्होने ट्रेनों का संचालन धीरेधीरे पटरी पर लाने की मांग की।
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दरअसल इस ट्रेन को प्रवासियों को मुंबई से वापस लाने के लिए चलाया गया था। अब तक प्रवासी तो लौट चुके थे लेकिन रोजगार और नौकरी पेशा वालों का धीरे धीरे लौटने का क्रम शुरू हो गया था। चूंकि कोरोना के चलते रेलवे केवल आरक्षित टिकट वालों को यात्रा करने दे रहा था इसलिए लौटने के लिए मुंबई के टिकटों की मारामारी हो रही है।
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आलमपुर के अरशद बशीर ने बताया कि वे भिवंडी में काम करते थे। लूम संचालक अब बुला रहे हैं। इसलिए जाना जरूरी है। पिछले दस दिन से तत्काल टिकट निकालने के प्रयास में लगा था लेकिन आधी रात से ही लंबी लाइन लगने से मेरा टिकट नहीं बन पा रहा था। इस बीच कामायनी का रूट भी बदल दिया गया जिससे स्थिति और बदतर हो गई। अरशद ने बताया कि अंतत: उसने मुंबई जा रही एक बस का टिकट लिया जो 32 सौ रुपये में मिला।
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कांग्रेस पीसीसी सदस्य मसूद आलम ने कहा कि केंद्र सरकार संवेदनहीन हो गई है। अनलॉक में ट्रेनें बढ़ाना चाहिए। लोग अभी भी 6 सौ के टिकट के बदले 3 हजार से 4 हजार में तत्काल टिकट लेने को मजबूर हैं। उन्होने ट्रेनों का संचालन धीरेधीरे पटरी पर लाने की मांग की।