{"_id":"810ebf2aa969e2fb237ec4ec830505a7","slug":"central-and-state-government-lashed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र और प्रदेश सरकार पर बरसे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र और प्रदेश सरकार पर बरसे किसान
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Thu, 28 Jan 2016 02:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य इंद्रदेव पाल ने कहा कि अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 27 डालर प्रति बैरल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के मनमाने रवैये से पुराने दर पर ही जनता को तेल मिल रहा है।
आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कारपोरेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। कहा कि वर्तमान स्थिति में डीजल की कीमत 18 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल 35 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिकना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
जिला मंत्री जगन्नाथ मौर्य ने कहा कि तेल की कीमत घटने के बाद भी रेल किराया ट्रांसपोर्ट का किराया कम नहीं हो रहा है। वक्ताओं ने मांग की कि रसोईं गैस और राशन की सब्सिडी सीधे जनता को दी जाए। गरीब जनता बैंकिग व्यवस्था के झमेले में नहीं पडना चाहती।
विज्ञापन
मांग की गई कि प्रत्येक परिवार को 35 किलो अनाज दो रुपये प्रति किलो की दर से मिले। संगठन के लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। धरने में कैलाशनाथ बिंद, परदेशी राम, सूर्यबली बिंद, मुरलीधर पाल, चंद्रेश त्रिपाठी, राजमणि बिंद, अमृतलाल, बेचू बिंद, भान सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कारपोरेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। कहा कि वर्तमान स्थिति में डीजल की कीमत 18 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल 35 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिकना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
जिला मंत्री जगन्नाथ मौर्य ने कहा कि तेल की कीमत घटने के बाद भी रेल किराया ट्रांसपोर्ट का किराया कम नहीं हो रहा है। वक्ताओं ने मांग की कि रसोईं गैस और राशन की सब्सिडी सीधे जनता को दी जाए। गरीब जनता बैंकिग व्यवस्था के झमेले में नहीं पडना चाहती।
विज्ञापन
मांग की गई कि प्रत्येक परिवार को 35 किलो अनाज दो रुपये प्रति किलो की दर से मिले। संगठन के लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। धरने में कैलाशनाथ बिंद, परदेशी राम, सूर्यबली बिंद, मुरलीधर पाल, चंद्रेश त्रिपाठी, राजमणि बिंद, अमृतलाल, बेचू बिंद, भान सिंह आदि मौजूद रहे।