ज्ञानपुर/ऊंज। जिले में पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश के चलते गेंहू की फसल प्रभावित हुई। इसके चलते किसानों को भी भारी भरकम नुकसान सहना पड़ा है। इनके साथ ही बेजुबान मवेशियों के भरण-पोषण के भी लाले पड़ सकते हैं। बेमौसम बारिश से फसल नुकसान होने के साथ ही भूसे का पैदावार भी 60 से 70 फीसदी प्रभावति हुई है। इसके कारण अभी से भूसा के दाम आसमान छूने लगे हैं। जिले में भूसा आठ सौ रुपये प्रति क्विंटल की रेट से बिक रहा है, जो बीते साल से 150 से 200 महंगा है। अमूमन ज्यादातर किसान भूसा बेचकर कटाई-मड़ाई का खर्चा निकालने का प्रयास करते हैं। बेमौसम बारिश के चलते इस बार किसानों को काफी नुकसान हुआ है। जिले में गेंहू का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। ऊंज के किसान कृष्ण कुमार सिंह, बबलू, राजेश सिंह, श्यामधर यादव, मल्लू राम बिंद आदि ने बताया कि भूसे का पैदावार लगभग 60 से 70 फीसदी कम हुआ है। बारिश और ओला पड़ने के कारण गेंहू के डांठ गिर गए थे। पानी के कारण डांठ सड़ गए थे। गेंहू मड़ाई के दौरान 50 से 75 फीसदी भूसा गर्दा के रुप में उड़ गए। इससे किसानों को भारी भरकम नुकसान हुआ है। अब जो भूसे बचे हैं, वे काले पड़ गए हैं। इससे मवेशियों के चारे का संकट खड़ा हो गया है। भूसा बेचकर किसान गेंहू के कटाई मंडाई का खर्चा निकालते थे, लेकिन इस बार भूसा खरीदने के लिए व्यापारी गांव-गांव चक्कर लगा रहे हैं। इससे पशु चारे का रेट भी बढ़ा है। फिलहाल भूसा 150 से 200 रुपये प्रति क्विंटल महंगा बिक रहा है। आने वाले समय में यह और भी महंगा होगा। पशु पालन विभाग के प्रभारी सीवीओ डॉ. राजेश उपाध्याय ने बताया कि गौशालाओं में रखे गए गोवंशों के लिए किसानों से भूसा दान किए जाने की अपील की गई है, लेकिन हर बार की अपेक्षा इस बार कम भूसा प्राप्त हुआ है। अब तक 325 क्विंटल भूसा प्राप्त हो सका है।