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बढ़ौना में खुले आसमान में बांधे जा रहे हैं मवेशी
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इस भीषण ठंड में जहां प्रदेश सरकार गो आश्रय स्थलों पर विशेष ध्यान दे रही है, वहीं कई गांवों में या तो गो आश्रय स्थल नहीं हैं अथवा वहां मवेशियों को रखने के लिए सुविधाएं नहीं हैं। जहां गोशाला हैं वहां अब भी अव्यवस्था है। प्रशासनिक अधिकारी समय - समय पर इन गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण भी करते रहते हैं, लेकिन जहां वास्तव में समस्या है, वहां अधिकारी पहुंच ही नहीं पाते हैं। भदोही ब्लॉक के ग्राम बढ़ौना में दो दर्जन से अधिक मवेशियों को खुले आसमान के नीचे बांधा जा रहा है।
बढ़ौना में कुछ महीने पूर्व हुए पंचायत चुनाव से पहले कोई गो शाला नहीं था। चुनाव बाद वहां गो आश्रय स्थल का निर्माण तो हुआ, लेकिन काम इतना धीरे-धीरे हो रहा है कि मवेशियों को दिक्कत हो रही है। ग्राम प्रधान प्रवीण दूबे का कहना है कि पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने किसी तरह अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट कर गो आश्रय स्थल की नींव रखी। काफी काम हो भी गया है, लेकिन अभी भी शेड विस्तार का काम बाकी है। इसके चलते लगभग दो दर्जन मवेशियों को खुले आसमान के नीचे रखना पड़ रहा है। कहा कि नए टिन शेड का प्रस्ताव खंड विकास अधिकारी कार्यालय में पड़ा हुआ है। जितनी जल्दी काम होगा, जानवरों की समस्याएं उतनी जल्दी दूर होंगी। उधर, इस संबंध में खंड विकास अधिकारी राजाराम ने बताया कि 3-4 माह पूर्व तो गांव में गोशाला का वजूद नहीं था। नए प्रधान ने जमीन चिह्नित कर गोशाला बनवाया। शेड का काम भी हुआ है जो कम पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शेड बढ़ाने के लिए प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। एक सप्ताह के अंदर शेड पर काम शुरू हो जाएगा।
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बढ़ौना में कुछ महीने पूर्व हुए पंचायत चुनाव से पहले कोई गो शाला नहीं था। चुनाव बाद वहां गो आश्रय स्थल का निर्माण तो हुआ, लेकिन काम इतना धीरे-धीरे हो रहा है कि मवेशियों को दिक्कत हो रही है। ग्राम प्रधान प्रवीण दूबे का कहना है कि पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने किसी तरह अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट कर गो आश्रय स्थल की नींव रखी। काफी काम हो भी गया है, लेकिन अभी भी शेड विस्तार का काम बाकी है। इसके चलते लगभग दो दर्जन मवेशियों को खुले आसमान के नीचे रखना पड़ रहा है। कहा कि नए टिन शेड का प्रस्ताव खंड विकास अधिकारी कार्यालय में पड़ा हुआ है। जितनी जल्दी काम होगा, जानवरों की समस्याएं उतनी जल्दी दूर होंगी। उधर, इस संबंध में खंड विकास अधिकारी राजाराम ने बताया कि 3-4 माह पूर्व तो गांव में गोशाला का वजूद नहीं था। नए प्रधान ने जमीन चिह्नित कर गोशाला बनवाया। शेड का काम भी हुआ है जो कम पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शेड बढ़ाने के लिए प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। एक सप्ताह के अंदर शेड पर काम शुरू हो जाएगा।
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