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Bhadohi News: 62.87 करोड़ की स्टांप चोरी में काशी टोल वे प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Sun, 22 Jun 2025 12:26 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Jun 2025 12:26 AM IST
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Case filed against Kashi Toll Way Private Limited for evasion of stamp duty worth Rs. 62.87 crore
ज्ञानपुर। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे स्थित लालानगर टोल प्लाजा का संचालन कर रही काशी टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड पर 62.87 करोड़ रुपये के स्टांप चोरी का आरोप लगा है। मामले में एआईजी स्टांप पंकज सिंह ने टोल कंपनी के खिलाफ शुक्रवार देर शाम को मुकदमा दर्ज कराया है। टोल कंपनी 100 रुपये का स्टांप पर शुल्क देकर सामान्य अनुबंध के आधार पर टोल का संचालन कर रही है।
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जांच में पता चला कि यह अनुबंध सामान्य नहीं बल्कि लीज अनुबंध है। लीज अनुबंध के हिसाब से दो फीसदी का शुल्क जमा करना होता है, जिसे कंपनी ने नहीं जमा किया। इस हिसाब से 62.87 करोड़ रुपये स्टांप चोरी का मामला बनता है।
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18 मार्च, 2023 को नई दिल्ली, नेताजी सुभाष प्लेस, प्रीतमपुरा की कंपनी काशी टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड ने एनएचएआई से टोल को 15 साल के लिए लीज पर लिया। टोल कंपनी ने एनएचएआई को 3244 करोड़ रुपये का भुगतान किया। राजातालाब-हंडिया हाईवे पर 72.644 किमी की दूरी का कंपनी टोल लेती है।
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26 नवंबर, 2024 को प्रमुख सचिव ने टोल के अनुबंधों के जांच के निर्देश दिए। रजिस्ट्री विभाग की ओर से 20 जनवरी को नोटिस जारी कर अनुबंध की प्रति मांगी गई, लेकिन टोल कंपनी ने गोलमोल जवाब देकर टाल दिया और अनुबंध की प्रति नहीं दी। 25 जनवरी, चार मार्च को भी विभाग की ओर से नोटिस दिया। लेकिन हर बार टोल कंपनी प्रति देने में आनाकानी की करती रही। विभाग ने आरटीआई से जानकारी मांगी। आरटीआई से मिली अनुबंध की कॉपी की जांच गई तो, गड़बड़ी खुलकर सामने आ गई है।


एआईजी स्टांप पंकज सिंह ने बताया कि काशी टोल-वे का महज अनुबंध नहीं, बल्कि 15 साल का लीज अनुबंध हैं। जिस पर दो फीसदी स्टांप देना पड़ता है। विभाग की जांच में अनुबंध में दो फीसदी स्टांप शुल्क के अनुसार 62.88 करोड़ रुपये स्टांप की चोरी पकड़ में आई है। इसीलिए कलेक्टर स्टांप के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।
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