Bhadohi: एनआईए के छापे से एक बार फिर चर्चा में कालीन नगरी, पूछताछ के बाद युवक को छोड़ा गया
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के छापे से कालीन नगरी भदोही एक बार फिर चर्चा में है। एनआईए ने पूछताछ के लिए जिस युवक को उठाया था, उसे बुधवार को छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने युवक से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पूछताछ के लिए जिस युवक को उठाया था, उसे बुधवार को छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने युवक से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की है। एनआईए ने मंगलवार को भदोही के नूरखानपुर से एक युवक को उठाया था। आरोप था कि वर्ष 2022 में बिहार के एक कार्यक्रम में भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। इस साजिश में प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का नाम सामने आया था।
युवक पीएफआई से जुड़ा था, इसलिए पूछताछ की गई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि एनआईए की टीम पीएफआई के कुछ लोगों की तलाश में आई थी। एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए साथ ले गई थी, लेकिन उसे छोड़ दिया। यह टीम दोबारा आ सकती है।
11 बांग्लादेशी सहित 14 लोग हुए थे गिरफ्तार
एनआईए के छापे से कालीन नगरी एक बार फिर चर्चा में है। इससे पहले जयपुर ब्लास्ट और पुणे के बेकरी ब्लास्ट के बाद जांच टीम जिले में आई थी। कोरोना काल के दौरान 11 बांग्लादेशी सहित 14 लोग गिरफ्तार किए गए थे।
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जयपुर में 2008 के दौरान सिलसिलेवार बम धमाका हुआ था। इसमें जिले के एक युवक को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, अब युवक कोर्ट से बरी हो चुका है। इसी तरह पुणे में हुए बेकरी ब्लास्ट का एक आरोपी कुछ दिनों तक भदोही में रुका था। बाद में उसे मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।
वह भदोही के जमुंद मोहल्ले में रहता था। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के दौरान भदोही से 11 बांग्लादेशियों समेत 14 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में शरणदाताओं के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था। अब प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए एनआईए की टीम भदोही आई है।