Bhadohi : पीसीएस परीक्षा देने आए अभ्यर्थी कठिन प्रश्नों में उलझे, नहीं हल हो सके पूरे प्रश्न, रही कड़ी सुरक्षा
पीसीएस परीक्षा संपन्न हो गई। नौ केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा हुई और अभ्यर्थी एआई जांच से गुजरे। पहली पाली में 2243 और दूसरी पाली में 2259 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। डीआईजी समेत अन्य अफसरों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
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ज्ञानपुर में राज्य-प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस प्रारंभिक) परीक्षा देने आए अभ्यर्थी प्रश्न पत्रों के कठिन प्रश्नों में उलझ गए। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों का कहना था कि बीते कई सालों में पहली बार इतने कठिन प्रश्न पत्र आए। कठिन प्रश्नों के कारण अभ्यर्थियों का समय कम पड़ गया। दोनों प्रश्न पत्रों में अभ्यर्थियों के 20 से 25 प्रश्न छूट गए। दो पालियों में चली परीक्षा में आधे से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा को लेकर रविवार को सुबह सात बजे से ही काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज ज्ञानपुर, विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज, काशिराज महाविद्यालय इंटर कॉलेज औराई सहित अन्य केंद्रो पर अभ्यर्थी पहुंचने लगे। सुबह आठ बजे से कॉलेज के मुख्य गेट पर कर्मचारियों ने एआई जांच के बाद अभ्यर्थियों को अंदर जाने दिया।
इस दौरान अभ्यर्थियों को पर्स, बेल्ट समेत अन्य जरूरी सामान को केंद्र के बाहर ही रखना पड़ा। पहली पाली में सुबह साढ़े नौ बजे शुरू हुई परीक्षा 11.30 बजे तक चली। इस दौरान पंजीकृत 4032 अभ्यर्थियों में 1789 उपस्थित हुए और 2243 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 1773 उपस्थित हुए, जबकि 2259 अनुपस्थित रहे। पहली पाली से 16 कम अभ्यर्थी दूसरी पाली में आए। डीआईजी आरपी सिंह, डीएम विशाल सिंह, एसपी डॉ. मीनाक्षी कात्यायन, एडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य, एएसपी डॉ. तेजवीर सिंह ने कई परीक्षा केंद्रो का निरीक्षण कर व्यवस्था को देखा। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि दोनों पालियों में परीक्षा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हो गई। पीसीएस प्री परीक्षा की पहली पाली में रविवार को सुबह 11.30 बजे जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज में कक्ष निरीक्षकों को काफी परेशान होना पड़ा।
कक्ष संख्या एक में परीक्षा देने आए अभ्यर्थी शशिकांत टंडन ओएमआर सीट लेकर चला गया। करीब आधे घंटे तक उसकी आसपास के दुकानों पर खोजबीन की गई। दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर वह दुबारा परीक्षा देने आया तो ओएमआर सीट ली गई। पांच साल में सबसे कठिन पेपर रहा। अधिकतर सवालों के आप्शन कफ्यूजिंग थे। प्रश्नों को समझने में टाइम लगा। इससे प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लग गया। पेपर उम्मीद से अधिक कठिन रहा। प्रश्नों को समझने में दिक्कत हुई। इससे 150 प्रश्नों में सिर्फ 120 प्रश्नों का जवाब दे सका। तीन प्रश्न गलत होने पर एक प्रश्न स्वत: कट जाता। इससे सोच-समझकर उत्तर दिया गया। अधिकतर सवाल सब्जेक्टिव नेचर के रहे। जिसने टॉपिक को डिटेल में पढ़ा होगा वही सवालों का जवाब दे पाएगा। 150 में 130 प्रश्नों का जवाब दे सका।
सिर्फ रट कर पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा मुश्किल थी। पेपर पूर्व की परीक्षाओं से थोड़े कठिन रहे, हालांकि पूर्व में परीक्षा देने के अनुभव का लाभ मिला। जियोग्राफी और स्टेटिस्टिक्स से जुड़े कई सवाल पूछे गए। राजनीति शास्त्र, कला और संस्कृति के सवाल भी मिले। सैंपल पेपर और प्रीवियस ईयर पेपर सॉल्व करने से काफी मदद मिली।