{"_id":"62fe69c6eec9b04b0d1a92bf","slug":"born-devaki-ghar-kanhaiya-nand-ghar-baje-bajnawa-na-bhadohi-news-vns669704994","type":"story","status":"publish","title_hn":"...जन्मे देवकी घर कन्हैया, नंद घर बाजे बजनवा ना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...जन्मे देवकी घर कन्हैया, नंद घर बाजे बजनवा ना
विज्ञापन
गोपीगंज के पूरेझम्मन गांव में कजरी गाते लोक कलाकार। संवाद
- फोटो : BHADOHI
फोटो-02
...जन्मे देवकी घर कन्हैया, नंद घर बाजे बजनवा ना
-विराट कजरी मुकाबला में कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपीगंज। जन्माष्टमी के एक दिन पूर्व पूरेझम्मन गांव में विराट कजरी मुकाबला का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रमोद सिंह भंवर ने फीता काटकर किया। उन्होंने लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आने वाले समय में लोककला ही समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर सामाजिकता को कायम रख सकती है। पश्चिमी सभ्यता समाज को बांट रही है। अब वह दिन दूर नहीं जब आधुनिकता की माया से लोककला की ओर लौटेंगे। ऐसे कलाकारों को जीवन-यापन के लिए सरकारी योजनाओं में अवसर मिलना चाहिए। भदोही के कलाकार राजेश भंवरा ने जब जन्मे देवकी घर कन्हैया, नंद घर बाजे बजनवा ना... को सुनकर लोककला प्रेमी झूमने लगे। वाराणसी की कलाकार कौशल्या कौशल ने लवकुश जन्म पर रचित कजरी सुनाकर तालियां बटोरी। महामुकाबला स्थल पर बड़ी संख्या में जुटे कजरी प्रेमी देर शाम तक लोककला का जमकर आनंद उठाए। इस मौके पर आयोजक संजय यादव, लल्लन मिश्रा, संतलाल यादव, चंद्रेश, अमरेश, डॉक्टर हंसराज, राजेश, आशीष, संदीप, कालीचरण, करिया यादव आदि रहे। इसी क्रम में ज्ञानपुर के भिदिउरा गांव में महिलाओं देहाती कजरी गाकर परंपरा निभाई।
विज्ञापन
...जन्मे देवकी घर कन्हैया, नंद घर बाजे बजनवा ना
-विराट कजरी मुकाबला में कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपीगंज। जन्माष्टमी के एक दिन पूर्व पूरेझम्मन गांव में विराट कजरी मुकाबला का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रमोद सिंह भंवर ने फीता काटकर किया। उन्होंने लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आने वाले समय में लोककला ही समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर सामाजिकता को कायम रख सकती है। पश्चिमी सभ्यता समाज को बांट रही है। अब वह दिन दूर नहीं जब आधुनिकता की माया से लोककला की ओर लौटेंगे। ऐसे कलाकारों को जीवन-यापन के लिए सरकारी योजनाओं में अवसर मिलना चाहिए। भदोही के कलाकार राजेश भंवरा ने जब जन्मे देवकी घर कन्हैया, नंद घर बाजे बजनवा ना... को सुनकर लोककला प्रेमी झूमने लगे। वाराणसी की कलाकार कौशल्या कौशल ने लवकुश जन्म पर रचित कजरी सुनाकर तालियां बटोरी। महामुकाबला स्थल पर बड़ी संख्या में जुटे कजरी प्रेमी देर शाम तक लोककला का जमकर आनंद उठाए। इस मौके पर आयोजक संजय यादव, लल्लन मिश्रा, संतलाल यादव, चंद्रेश, अमरेश, डॉक्टर हंसराज, राजेश, आशीष, संदीप, कालीचरण, करिया यादव आदि रहे। इसी क्रम में ज्ञानपुर के भिदिउरा गांव में महिलाओं देहाती कजरी गाकर परंपरा निभाई।