{"_id":"61e5b87a89a77455a32d4a9a","slug":"board-exam-corona-s-increasing-graph-reduced-centers-increased-the-challenge-bhadohi-news-vns6341060155","type":"story","status":"publish","title_hn":"बोर्ड परीक्षा : कोरोना का बढ़ता ग्राफ, घटे केंद्रों ने बढ़ाई चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बोर्ड परीक्षा : कोरोना का बढ़ता ग्राफ, घटे केंद्रों ने बढ़ाई चुनौती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कालीन नगरी में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों के निर्धारण ने शिक्षा विभाग से लेकर स्कूल प्रबंधकों तक की चिंता बढ़ा दी है। वर्ष 2021 में 53 हजार 924 विद्यार्थियों के लिए 92 केंद्र बने थे, जबकि 2022 में 49 हजार 827 विद्यार्थियों के लिए मात्र 75 केंद्र बने हैं। एक साथ 17 केंद्रों की कमी ने परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों संग अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
विधानसभा चुनाव के कारण अबकी बार 15 मार्च के बाद ही बोर्ड परीक्षा होने की संभावना है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने एक सप्ताह पहले जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए 75 केंद्रों का निर्धारण किया। हालांकि इसमें काफी कमियां सामने आ चुकी हैं। 75 केंद्राध्यक्षों में से 57 ने आपत्ति भी दर्ज कराई है। स्कूलों की दूरी से लेकर बच्चों की संख्या के हिसाब से केंद्रों की कमी भी मुख्य बिंदुओं में शामिल है। वर्ष 2021 में 53 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए 92 केंद्रों का निर्धारण किया गया था, जबकि इस बार 17 केंद्र कम कर मात्र 75 विद्यालय ही केंद्र बनाए गए हैं। इस बार भी परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 50 हजार के करीब छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। ऐसे में कोरोना के नये वैरिएंट संग तेजी से बढ़ते मामलों ने प्रबंधकों संग अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
उधर, कम केंद्रों में छात्र-छात्राओं को बैठाने से लेकर अन्य व्यवस्थाएं सुचारु कराना चुनौती से कम नहीं होगा। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में 54 हजार 755 छात्र-छात्राओं पर 95 और 2021 में 53 हजार 924 छात्र-छात्राओं पर 92 केंद्र बनाए गए थे। अब 2022 में 49 हजार 827 परीक्षार्थियों पर 75 केंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के विकराल रूप के कारण परीक्षा निरस्त हो गई थी। इससे प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा स्तर के छात्र-छात्राओं को प्रमोट किया गया था। जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता का कहना है कि बोर्ड परीक्षा समिति केंद्रों के निर्धारण का आंकलन कर रही है। उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव के कारण अबकी बार 15 मार्च के बाद ही बोर्ड परीक्षा होने की संभावना है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने एक सप्ताह पहले जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए 75 केंद्रों का निर्धारण किया। हालांकि इसमें काफी कमियां सामने आ चुकी हैं। 75 केंद्राध्यक्षों में से 57 ने आपत्ति भी दर्ज कराई है। स्कूलों की दूरी से लेकर बच्चों की संख्या के हिसाब से केंद्रों की कमी भी मुख्य बिंदुओं में शामिल है। वर्ष 2021 में 53 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए 92 केंद्रों का निर्धारण किया गया था, जबकि इस बार 17 केंद्र कम कर मात्र 75 विद्यालय ही केंद्र बनाए गए हैं। इस बार भी परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 50 हजार के करीब छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। ऐसे में कोरोना के नये वैरिएंट संग तेजी से बढ़ते मामलों ने प्रबंधकों संग अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
विज्ञापन
उधर, कम केंद्रों में छात्र-छात्राओं को बैठाने से लेकर अन्य व्यवस्थाएं सुचारु कराना चुनौती से कम नहीं होगा। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में 54 हजार 755 छात्र-छात्राओं पर 95 और 2021 में 53 हजार 924 छात्र-छात्राओं पर 92 केंद्र बनाए गए थे। अब 2022 में 49 हजार 827 परीक्षार्थियों पर 75 केंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के विकराल रूप के कारण परीक्षा निरस्त हो गई थी। इससे प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा स्तर के छात्र-छात्राओं को प्रमोट किया गया था। जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता का कहना है कि बोर्ड परीक्षा समिति केंद्रों के निर्धारण का आंकलन कर रही है। उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
विज्ञापन