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औराई के 10 आंगनवाड़ी का मानदेय रोका
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घोसिया। बाल विकास परियोजना अधिकारी औराई अमोद ओझा ने लापरवाही बरतने पर ब्लॉक की 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय अग्रिम आदेश तक रोक दिया जबकि मुख्य सेविकाओं को सख्त चेतावनी देते हुए भविष्य में ऐसी पुनराव़ृत्ति न होने की हिदायत दी। सभी को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। चिकित्सकीय टीम के भ्रमण में आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत जिले में चिकित्सकीय टीम स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती है। उस दौरान दवा वितरण संग अन्य दिक्कतें दूर की जाती है। बाल विकास परियोजना अधिकारी औराई आमोद ओझा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सकों की टीम आंगनबाड़ी केंद्रों पर जून माह के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जब केंद्रों पर पहुंची तो 305 में 10 आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला। केंद्रों में औराई प्रथम, द्वितीय और तृतीय, बाबूसराय प्रथम, झौवा तृतीय, शिवरामपुर प्रथम, महथुआ द्वितीय और तृतीय, चकनिरंजन प्रथम और रैपुरी द्वितीय केंद्र शामिल है। उन्होंने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए 10 आंगनबाड़ी संग मुख्य सेविकाओं का मानदेय अग्रिम आदेश तक रोका गया है। स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही इनके विरुद्ध उच्चस्तरीय कार्यवाही के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही है। उन्होंने क्षेत्रों में उक्त केंद्र बंद पाए जाने पर मुख्य सेविका को भी चेतावनी दिया। भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर इनके विरुद्ध भी कड़ी कार्यवाही के लिए कहा। बच्चों के स्वास्थ्य जांच का कार्यक्रम सर्वोच्च प्राथमिकता में है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के तहत जिले में चिकित्सकीय टीम स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती है। उस दौरान दवा वितरण संग अन्य दिक्कतें दूर की जाती है। बाल विकास परियोजना अधिकारी औराई आमोद ओझा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सकों की टीम आंगनबाड़ी केंद्रों पर जून माह के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जब केंद्रों पर पहुंची तो 305 में 10 आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला। केंद्रों में औराई प्रथम, द्वितीय और तृतीय, बाबूसराय प्रथम, झौवा तृतीय, शिवरामपुर प्रथम, महथुआ द्वितीय और तृतीय, चकनिरंजन प्रथम और रैपुरी द्वितीय केंद्र शामिल है। उन्होंने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए 10 आंगनबाड़ी संग मुख्य सेविकाओं का मानदेय अग्रिम आदेश तक रोका गया है। स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही इनके विरुद्ध उच्चस्तरीय कार्यवाही के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है। कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही है। उन्होंने क्षेत्रों में उक्त केंद्र बंद पाए जाने पर मुख्य सेविका को भी चेतावनी दिया। भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर इनके विरुद्ध भी कड़ी कार्यवाही के लिए कहा। बच्चों के स्वास्थ्य जांच का कार्यक्रम सर्वोच्च प्राथमिकता में है।
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