ज्ञानपुर। जिले में गांधी जयंती यानी दो अक्तूबर से किसानों भारत ब्रांड की खाद सहकारी समितियों और खुले बाजारों में मिलनी शुरू हो जाएगी। केंद्रीय केमिकल, फर्टिलाइजर मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना के तहत एक राष्ट्र-एक उर्वरक का सर्कुलर जारी होने पर सहकारिता विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
अब तक सहकारी समिति के साथ बाजारों में उर्वरक उपलब्ध कराने वाली कंपनियों अलग-अलग रंगों वाली बोरियों में उर्वरक उपलब्ध कराया जाता था, जिससे चोरी रोकना असंभव था। नई व्यवस्था के तहत चोरी रोकने में सहूलियत मिलेगी। नए ब्रांड की बोरियों के एक हिस्से में ब्रांड, लोगों का उल्लेख होगा दूसरी ओर कंपनियां अपना ब्यौरा अंकित करेंगी। प्रति बोरी प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना का लोगों अनिवार्य रहेगा। एआर सहकारिता राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि सर्कुलर के मुताबिक 21 दिसंबर तक कंपनियों के लिए मेट्रोलाजी एक्ट, फर्टिलाइजर पैकेज्ड कमोडिटी एक्ट निर्धारित किया है। एक्ट अंतर्गत 19 सितंबर के बाद पुरानी डिजाइजन की बोरियां, लोगों, ब्रांड का इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। सर्कुलर के तहत ही उर्वरक की पैकेजिंग कराकर सहकारी समिति, बाजारों में बिक्री के लिए उपलब्ध होगी। पुराने लोगों की बोरियों में भरे उर्वरक 21 दिसंबर तक खप जाएंगे। विभाग के पास अभी तक लगभग 1300 एमटी उर्वरक पुरानी बोरियों में हैं। धान की फसल में द्वितीय और तृतीय छिड़काव तक समाप्त हो जाएंगी।