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भदोहीः कोरोना के डर के बीच तबादले की मार, चिकित्सकों और कर्मचारियों के स्थानांतरण ने बढ़ाई चिंता
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ज्ञानपुर। कोरोना की संभावित तीसरी लहर के बीच स्वास्थ्य विभाग में ताबड़तोड़ तबादलों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल जिले में हाल ही में तीन चिकित्सकों संग 10 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों के स्थानांतरण से विभागीय तैयारी को झटका लगा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसका असर विभाग पर देखने को मिलेगा।
जिले की करीब 18 लाख की आबादी के स्वास्थ्य सुविधाओं को देखने के लिए दो जिला अस्पताल, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 50 से अधिक एडिशनल पीएचसी बने हैं। जिन पर 100 से अधिक चिकित्सक, 120 फार्मास्स्टि संग 250 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं। कोरोना की दूसरी में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में आ गया था, लेकिन गुजरे एक सप्ताह में शासन स्तर पर हुए तबादले ने स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ा दी। करीब तीन चिकित्सक संग 10 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों का अन्यत्र तबादला हो गया। जिससे अस्पतालों में व्यवस्था प्रभावित होनी तय मानी जा रही है। तीसरी लहर के मद्देनजर सुरियावां सीएचसी में आक्सीजन प्लांट शुरू हो गया है जबकि चार अन्य केंद्रों पर पखवारे भर में प्लांट शुरू हो जाएंगे, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों के तबादले से तैयारी प्रभावित हुई।
दूसरी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात छह स्वास्थ्य अफसर कई साल से ड्यूटी करने नहीं आते। निजी अस्पतालों को चलाने के चक्कर में कोरोना की पहली और दूसरी लहर में भी वे नहीं आए। प्रयागराज, वाराणसी और जौनपुर में परिवार के नाम पर चलने वाले नर्सिंग होम में वह खुद प्रैक्टिस करते हैं। विभागीय अफसरों से तालमेल बनाने के कारण करीब दो लाख से अधिक का सरकारी वेतन उठाने संग कर्तव्य के प्रति गैर जिम्मेदार बने हैं। नए सीएमओ के लिए यह अफसर भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
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इस संबंध में सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने बताया कि तीन चिकित्सक संग 10 कर्मियों का स्थानांतरण हुआ है। उन्होंने कहा कि तैयारी पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
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जिले की करीब 18 लाख की आबादी के स्वास्थ्य सुविधाओं को देखने के लिए दो जिला अस्पताल, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 50 से अधिक एडिशनल पीएचसी बने हैं। जिन पर 100 से अधिक चिकित्सक, 120 फार्मास्स्टि संग 250 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं। कोरोना की दूसरी में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड में आ गया था, लेकिन गुजरे एक सप्ताह में शासन स्तर पर हुए तबादले ने स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ा दी। करीब तीन चिकित्सक संग 10 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों का अन्यत्र तबादला हो गया। जिससे अस्पतालों में व्यवस्था प्रभावित होनी तय मानी जा रही है। तीसरी लहर के मद्देनजर सुरियावां सीएचसी में आक्सीजन प्लांट शुरू हो गया है जबकि चार अन्य केंद्रों पर पखवारे भर में प्लांट शुरू हो जाएंगे, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों के तबादले से तैयारी प्रभावित हुई।
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दूसरी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात छह स्वास्थ्य अफसर कई साल से ड्यूटी करने नहीं आते। निजी अस्पतालों को चलाने के चक्कर में कोरोना की पहली और दूसरी लहर में भी वे नहीं आए। प्रयागराज, वाराणसी और जौनपुर में परिवार के नाम पर चलने वाले नर्सिंग होम में वह खुद प्रैक्टिस करते हैं। विभागीय अफसरों से तालमेल बनाने के कारण करीब दो लाख से अधिक का सरकारी वेतन उठाने संग कर्तव्य के प्रति गैर जिम्मेदार बने हैं। नए सीएमओ के लिए यह अफसर भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
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इस संबंध में सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने बताया कि तीन चिकित्सक संग 10 कर्मियों का स्थानांतरण हुआ है। उन्होंने कहा कि तैयारी पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।