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Bhadohi News: बैंक में पंजीकृत नंबर से बनवाया एटीएम, खाते से निकाले 1.98 लाख
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सुरियावां। महजूदा गांव निवासी हरिहर चौहान के खाते से ठगों ने 1,98,400 रुपये निकाल लिए। उनके बैंक अकाउंट से जुड़ा नंबर बंद होने पर किसी अज्ञात व्यक्ति के नाम से जारी हो गया है। इसके बाद उसने बैंक में ऑनलाइन आवेदन कर एटीएम जारी कराया और खाते से कई बार में रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि अभी तक उसका मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। पीड़ित ने डीएम और एसपी के यहां शिकायत दर्ज कराई है।
हरिहर चौहान का गांव के ही यूनियन बैंक में खाता है। खाते में पंजीकृत मोबाइल नंबर किसी कारणवश बंद हो गया था। वर्तमान में उक्त नंबर किसी युवक के नाम से जारी हो गया है। इसके बाद युवक ने ऑनलाइन आवेदन कर एटीएम जारी करा लिया है। आठ से 11 मई के बीच करीब कई बार में 1,98,400 रुपये निकाल लिए। इस बीच बेटी की शादी पड़ने पर हरिहर जब बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनके खाते में पैसा नहीं है। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। बताया कि वह अनपढ़ है। इस कारण बैंक ने उसे एटीएम नहीं जारी किया है। आरोप लगाया कि बैंक बिना जांच पड़ताल के अज्ञात व्यक्ति को मेरे खाते का एटीएम कैसे जारी कर दिया है। मामले में उन्होंने 27 जून को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका है। बताया कि बेटी की शादी के बाद उनके ऊपर ढाई लाख का कर्ज है। अब बैंक से पैसे गायब हो गए हैं। अब समझ में नहीं आ रहा है कि मजदूरी कर कैसे कर्ज उतारेंगे। इस संबंध में यूबीआई महजूदा के शाखा प्रबंधक से बात करने पर उन्होंने बात करने से इन्कार कर दिया। कहा कि बैंक आकर बात करिए। वहीं, साइबर थाना प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि बैंक ने एटीएम कैसे जारी किया और किस तरह से मजदूर का पैसा गायब हुआ है। इन सभी बिंदुओं की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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हरिहर चौहान का गांव के ही यूनियन बैंक में खाता है। खाते में पंजीकृत मोबाइल नंबर किसी कारणवश बंद हो गया था। वर्तमान में उक्त नंबर किसी युवक के नाम से जारी हो गया है। इसके बाद युवक ने ऑनलाइन आवेदन कर एटीएम जारी करा लिया है। आठ से 11 मई के बीच करीब कई बार में 1,98,400 रुपये निकाल लिए। इस बीच बेटी की शादी पड़ने पर हरिहर जब बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनके खाते में पैसा नहीं है। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। बताया कि वह अनपढ़ है। इस कारण बैंक ने उसे एटीएम नहीं जारी किया है। आरोप लगाया कि बैंक बिना जांच पड़ताल के अज्ञात व्यक्ति को मेरे खाते का एटीएम कैसे जारी कर दिया है। मामले में उन्होंने 27 जून को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका है। बताया कि बेटी की शादी के बाद उनके ऊपर ढाई लाख का कर्ज है। अब बैंक से पैसे गायब हो गए हैं। अब समझ में नहीं आ रहा है कि मजदूरी कर कैसे कर्ज उतारेंगे। इस संबंध में यूबीआई महजूदा के शाखा प्रबंधक से बात करने पर उन्होंने बात करने से इन्कार कर दिया। कहा कि बैंक आकर बात करिए। वहीं, साइबर थाना प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि बैंक ने एटीएम कैसे जारी किया और किस तरह से मजदूर का पैसा गायब हुआ है। इन सभी बिंदुओं की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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