ज्ञानपुर। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने फर्जी 58 नामजद जमानतदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के मामले में नाराजगी जताई। सोमवार को अध्यक्ष सूर्यदत्त पांडेय और महासचिव जितेंद्र की अगुवाई में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि फर्जी जमानदारों के मामले में पुलिस की ओर दर्ज मुकदमे में कतिपय अधिवक्ताओं और कर्मचारियों का भी जिक्र किया गया है। इससे अधिवक्ताओं की भावना को ठेस पहुंची है। पुलिस की मनमानी के खिलाफ अधिवक्ता चुप नहीं बैठेंगे। प्रकरण में अधिवक्ताओं का नाम हटाया जाए, अन्यथा वृहद स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। विरोध जताने वालों में हंसाराम शुक्ला, स्वामीनाथ मिश्रा, सुभाष चंद्र यादव, प्रभाकर तिवारी, मनोज सिंह, सुरेंद्र सिंह, तेज बहादुर यादव आदि रहे। फर्जी जमानतदारों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी। हर रोज न्यायालय परिसर के सामने दोपहर में फर्जी जमानदारों की भीड़ एकत्रित हो जाती है। उसके बाद उनकी नीलामी शुरू हो जाती है। जिसकी जितनी जरूरत उसकी उतनी कीमत। कभी-कभी तो एक जमानतदार एक ही दिन में दो से तीन अदालतों में जमानत लेता है। एसडीएम की कोर्ट में तो धड़ल्ले से कागज लगाकर खड़े हो जाते हैं। जानकारों के अनुसार 50 से अधिक फर्जी जमानतदार प्रतिदिन न्यायालय परिसर के सामने एकत्र हो जाते हैं। जहां 500 रुपये से लेकर पांच हजार तक की उनकी बोली लगाई जाती है। मुकदमों के आधार पर उनकी कीमत तय होती है। कभी कभी तो मिर्जापुर, सोनभद्र और वाराणसी जिले में भी उन्हें जमानत लेने के लिए भेजा जाता है। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिवक्ता ने बताया कि मामले में पूरा रैकेट चलता है। फर्जी जमानदारों को बुलाने वाले लोग उन्हें कम रकम देते हैं, जबकि उनके नाम पर मोटी रकम लेते हैं।