{"_id":"67a0e11a86921bb8a602afdf","slug":"action-taken-against-insurance-company-rejected-medical-claim-fined-35-000-rupees-interest-also-charged-2025-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP : मेडिकल क्लेम खारिज करने वाली कंपनी पर कार्रवाई, 35 हजार का जुर्माना; नाै प्रतिशत ब्याज भी लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP : मेडिकल क्लेम खारिज करने वाली कंपनी पर कार्रवाई, 35 हजार का जुर्माना; नाै प्रतिशत ब्याज भी लगाया
Mon, 03 Feb 2025 09:01 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Mon, 03 Feb 2025 09:01 PM IST
सार
हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की इस लापरवाही पर जिला उपभोक्ता आयोग ने नोटिस जारी की है। कहा है कि उपभोक्ता को नाै प्रतिशत ब्याज के साथ अदायगी की जाए। अन्यथा की दृष्टि में यह ब्याज बढ़ाया भी जाएगा।
विज्ञापन
जिला उपभोक्ता आयोग।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला उपभोक्ता आयोग की अदालत ने मेडिकल क्लेम खारिज करने पर इंश्योरेंस कंपनी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोका। आयोग ने दो माह के अंदर इलाज खर्च में हुए 89457 रुपये क्लेम खारिज होने से आदेश की तिथि तक नौ फीसदी ब्याज के साथ देने का आदेश देते दिया।
विज्ञापन
चेताया कि अगर दो माह में आदेश का अनुपालन न करने पर 12 फीसदी ब्याज के साथ धनराशि चुकानी होगी।
जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि निर्यात भवन स्टेशन रोड निवासी राशि सक्सेना और उनके पति संजय कुमार श्रीवास्तव ने तीन अप्रैल 2024 को उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
विज्ञापन
बताया कि उन्होंने निव बुप हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस की पॉलिसी ली थी। इसके बाद उन्होंने इंश्योरेंस पर ही इलाज भी कराया। कंपनी में इंश्योरेंस क्लेम देने पर उसे खारिज कर दिया गया।
विज्ञापन
जिला उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को नोटिस जारी की। जिसमें उसने दावा किया कि उनका क्लेम गलत तथ्यों पर दाखिल किया गया है।
आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे ने दोनों पक्षों की तर्क और बहसों को सुना। जिसके बाद न्यायाधीश संजय कुमार डे व सदस्य विजय बहादुर सिंह की पीठ ने इंश्योरेंस कंपनी पर उपभोक्ता की सेवा में कमी पर 35 हजार का जुर्माना लगाया।
क्लेम को दो माह के भीतर नौ फीसदी ब्याज के साथ चुकाने का निर्देश दिया। कहा कि यदि बीमा कंपनी समय से आदेश का अनुपालन नहीं करती है तो उसे 12 फीसदी ब्याज के साथ क्लेम की राशि देनी होगी।