विजय मिश्र पर कसता शिकंजा: भतीजे व डीघ ब्लॉख प्रमुख का 1.88 करोड़ का मकान सील, दो दिन पहले 12 वाहन हुए थे कुर्क
ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्र के कुनबे पर पुलिस-प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है।
विस्तार
हत्या, दुष्कर्म, गैंगस्टर सहित 16 से अधिक मुकदमे डीघ के ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्र पर दर्ज हैं। करीब चार महीने से वह जौनपुर की जेल में बंद है। शनिवार को क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर भुवनेश्वर पांडेय के नेतृत्व में ऊंज और कोइरौना थाने की पुलिस नवधन स्थित आवास पर पहुंची। यहां पर उनके अधिवक्ता, पिता आद्या तिवारी और पत्नी बिंदो देवी की मौजूदगी में मकान को सील किया गया।
इस दौरान ब्लॉक प्रमुख की पत्नी ने पुलिस से मांग की कि लिखकर दें कि अंदर कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं है अन्यथा कल गांजा और हेराइन भी मिलने की बात कही जा सकती है। इस पर पुलिस ने कहा कि आप जिलाधिकारी से अनुमति लेकर आएं। सीओ ने कहा कि डीएम के आदेश पर कुर्क और सील करने की कार्रवाई की गई।
विजय मिश्र सहित दो गिरोहों की 46 लाख की संपत्ति कुर्क
आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने जिले के पंजीकृत दो गिरोह की 46 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति कुर्क की है। इसमें पूर्व विधायक विजय मिश्र और एक अन्य गिरोह शामिल है। गुरुवार को पुलिस विभाग से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि विजय मिश्र सहित हनुमान सेवक पांडे, सुरेश केसरवानी, विष्णु मिश्रा, गिरधारी पाठक व विकास मिश्रा द्वारा आपराधिक कृत्यों से अर्जित धन से खरीदे गए 12 वाहनों को कुर्क किया गया। इसमें एक ट्रक, चार ट्रैक्टर, तीन चार पहिया वाहन, चार मोटरसाइकिल शामिल है।
इसी तरह गैंगस्टर के आरोपी राजेश कुमार गोंड़ व विपिन कुमार निषाद की भी दो मोटरसाइकिल जब्त की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार विजय मिश्र की फार्च्यूनर कार, पत्नी रामलली के नाम से खरीदी गई सफारी कार, हनुमान सेवक पांडेय के नाम खरीदे गए पावर ट्रैक ट्रैक्टर, सुरेश केशरी के नाम खरीदे गए बोलेरो, ट्रैक्टर, बाइक, पूर्व विधायक के पुत्र विष्णु मिश्र के नाम पर लिए गए ट्रक व पौत्र विकास मिश्र के नाम पर ली गई बाइक, गिरधारी पाठक के नाम पर लिए गए बाइक व ट्रैक्टर जब्त किए जाएंगे। एसपी के अनुसार नोटिस दिया गया है ताकि जब्त किए जाने वाले वाहन जमा हो जाएं। यदि दो दिन में नहीं होते हैं तो उन्हें पुलिस जब्त कर लेगी।