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बुढ़ापे की लाठी बनेगी प्रधानमंत्री मानधन योजना
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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधान योजना का मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शुभारंभ किया गया। गुजरात से प्रधानमंत्री और गोरखपुर से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। इस दौरान 240 पंजीकृत लाभार्थियों को कार्ड वितरित किया गया।
मुख्य अतिथि सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भारत सरकार किसानों, जवानों और गरीबों के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री मानधन योजना ऐतिहासिक है। इसमें असंगठित श्रमिकों, गृह आधारित कर्मकार (घरेलु श्रमिक, फेरी लगाने वाले, सिर पर बोझा उठाने वाले, ईंट भट्टे, मोची, कचरा बीनने वाले, धोबी, रिक्शा चालक, ग्रामीण भूमिहीन श्रमिक कृषि कर्मकार, बीडी श्रमिक, हथकरघा श्रमिक, सन्निर्माण श्रमिक, आशा, एएनएम, रसोईया आदि लाभान्वित होंगे। असंगठित श्रमिक जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये या उससे कम है को इस योजना में शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि 18 से 40 साल की उम्र के श्रमिकों को 55 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रतिमाह अंशदान जमा किया जाएगा। 60 साल के बाद लाभार्थी को प्रतिमाह तीन हजार पेंशन मिलेगी। लाभार्थी की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को 1500 रुपये प्रतिमाह आजीवन पेंशन मिलेगी। यह योजना बुढ़ापे में लाठी का सहारा बनेगी। उन्होंने सभी विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे पंजीयन अधिक संख्या में कराएं। संचालन श्रम विभाग के इंद्रजीत तिवारी ने किया। इस मौके पर ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र, एसपी राजेश एस, सीडीओ हरिशंकर सिंह, सीएमओ लक्ष्मी सिंह, जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक, बीएसए अमित कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रमिता मौर्य, राम निवास, वीरेंद्र कुमार, उर्मिला देवी आदि मौजूद रहीं।
मुख्य अतिथि सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भारत सरकार किसानों, जवानों और गरीबों के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री मानधन योजना ऐतिहासिक है। इसमें असंगठित श्रमिकों, गृह आधारित कर्मकार (घरेलु श्रमिक, फेरी लगाने वाले, सिर पर बोझा उठाने वाले, ईंट भट्टे, मोची, कचरा बीनने वाले, धोबी, रिक्शा चालक, ग्रामीण भूमिहीन श्रमिक कृषि कर्मकार, बीडी श्रमिक, हथकरघा श्रमिक, सन्निर्माण श्रमिक, आशा, एएनएम, रसोईया आदि लाभान्वित होंगे। असंगठित श्रमिक जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये या उससे कम है को इस योजना में शामिल किया गया है।
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जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि 18 से 40 साल की उम्र के श्रमिकों को 55 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रतिमाह अंशदान जमा किया जाएगा। 60 साल के बाद लाभार्थी को प्रतिमाह तीन हजार पेंशन मिलेगी। लाभार्थी की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को 1500 रुपये प्रतिमाह आजीवन पेंशन मिलेगी। यह योजना बुढ़ापे में लाठी का सहारा बनेगी। उन्होंने सभी विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे पंजीयन अधिक संख्या में कराएं। संचालन श्रम विभाग के इंद्रजीत तिवारी ने किया। इस मौके पर ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र, एसपी राजेश एस, सीडीओ हरिशंकर सिंह, सीएमओ लक्ष्मी सिंह, जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक, बीएसए अमित कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रमिता मौर्य, राम निवास, वीरेंद्र कुमार, उर्मिला देवी आदि मौजूद रहीं।
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