{"_id":"5c4f5255bdec2273ab60682b","slug":"91548702293-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शासन की ‘नजर’ में रहेंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शासन की ‘नजर’ में रहेंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
विज्ञापन
ज्ञानपुर। शासन अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर सीधे नजर रखेगा। इसके लिए जिले के सभी कार्यकर्ताओं को जीपीएस से लैस मोबाइल दिया जाएगा। मोबाइल को कार्यकर्ताओं के आधार नंबर से जोड़ा जाएगा। इससे मुख्यालय से ही उनकी लोकेशन को ट्रेस किया जाएगा। 1483 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 40 सुपरवाइजर के लिए मोबाइल आ गया है। जिसका वितरण भी जल्द ही होगा।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जिले में 1483 आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। इसमें गर्भवती और छोटे बच्चों को पोषणयुक्त आहार दिया जाता हैै। बच्चों को खेल-खेल के माध्यम से शुरुआती शिक्षा-दीक्षा दी जाती है, लेकिन 50 से 60 फीसदी आंगनबाड़ी केंद्रों का सिर्फ नाम के लिए संचालित होता है। विभागीय तालमेल से ऐसे केंद्र प्रभारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। इसको देखते हुए शासन अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जीपीएस से लैस मोबाइल दे रहा है। विकास भवन के डीपीओ कार्यालय में 1483 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 40 सुपरवाइजरों के लिए मोबाइल आ चुका है। एक सप्ताह के अंदर सभी कार्यकर्ताओं तक इसे पहुंचाया जाएगा।
मोबाइल आने के बाद इसमें कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर अपलोड किया जाएगा। इसके माध्यम से शासन और प्रशासन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लोकेशन को देखेगा। इससे आंगनबाड़ी की लापरवाही भी पकड़ में आ जाएगी। इससे जहां आंगनबाड़ी दुर्व्यवस्था की पोल खुलेगी, वहीं सहूलियत भी मिलेगी। 11 रजिस्टरों पर लिखने के बजाए वह मोबाइल में ही सभी सूचनाओं का आदान-प्रदान हो जाएगा। जीपीएस से लैस इस मोबाइल की खास बात यह है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इससे अपने कोई निजी काम या फोन नहीं कर सकेंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी उर्मिला देवी ने बताया कि शासन से मोबाइल भेजा जा चुका है। सभी सीडीपीओ कार्यालयों के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तक मोबाइल पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन
इनसेट
72 मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण शुरू
ज्ञानपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल से दक्ष बनाने के लिए सोमवार को विकास भवन परिसर में चार दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया। लखनऊ निदेशालय से आए प्रशिक्षक अमित कुमार और चंदन पाठक ने मोबाइल के साफ्टवेयर, अपलोडिंग समेत अन्य गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण लेने के बाद 72 मास्टर ट्रेनर ब्लॉकों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल चलाने में दक्ष करेंगे। इस मौके पर सीडीपीओ आमोद कुमार आदि रहे।
विज्ञापन
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जिले में 1483 आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। इसमें गर्भवती और छोटे बच्चों को पोषणयुक्त आहार दिया जाता हैै। बच्चों को खेल-खेल के माध्यम से शुरुआती शिक्षा-दीक्षा दी जाती है, लेकिन 50 से 60 फीसदी आंगनबाड़ी केंद्रों का सिर्फ नाम के लिए संचालित होता है। विभागीय तालमेल से ऐसे केंद्र प्रभारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। इसको देखते हुए शासन अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जीपीएस से लैस मोबाइल दे रहा है। विकास भवन के डीपीओ कार्यालय में 1483 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 40 सुपरवाइजरों के लिए मोबाइल आ चुका है। एक सप्ताह के अंदर सभी कार्यकर्ताओं तक इसे पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन
मोबाइल आने के बाद इसमें कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर अपलोड किया जाएगा। इसके माध्यम से शासन और प्रशासन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लोकेशन को देखेगा। इससे आंगनबाड़ी की लापरवाही भी पकड़ में आ जाएगी। इससे जहां आंगनबाड़ी दुर्व्यवस्था की पोल खुलेगी, वहीं सहूलियत भी मिलेगी। 11 रजिस्टरों पर लिखने के बजाए वह मोबाइल में ही सभी सूचनाओं का आदान-प्रदान हो जाएगा। जीपीएस से लैस इस मोबाइल की खास बात यह है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इससे अपने कोई निजी काम या फोन नहीं कर सकेंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी उर्मिला देवी ने बताया कि शासन से मोबाइल भेजा जा चुका है। सभी सीडीपीओ कार्यालयों के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तक मोबाइल पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन
इनसेट
72 मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण शुरू
ज्ञानपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल से दक्ष बनाने के लिए सोमवार को विकास भवन परिसर में चार दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया। लखनऊ निदेशालय से आए प्रशिक्षक अमित कुमार और चंदन पाठक ने मोबाइल के साफ्टवेयर, अपलोडिंग समेत अन्य गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण लेने के बाद 72 मास्टर ट्रेनर ब्लॉकों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल चलाने में दक्ष करेंगे। इस मौके पर सीडीपीओ आमोद कुमार आदि रहे।