{"_id":"5bcb7beebdec2269724a71b0","slug":"91540062190-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जीवाड़ा: अतिक्रमण हटा नहीं, भेज दी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जीवाड़ा: अतिक्रमण हटा नहीं, भेज दी रिपोर्ट
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। तालाबों पर अतिक्रमण के खिलाफ जिस जिले का मामला सुप्रीम कोर्ट में नजीर बना, उसी जिले में राजस्व विभाग के अधिकारी फर्जीवाड़ा करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला औराई के बीसापुर गांव का सामने आया है। यहां जमीन को खाली कराए बिना राजस्व विभाग ने अतिक्रमण मुक्त कराने की रिपोर्ट भेज दी। अगस्त में जिस भूमि को कब्जामुक्त करने की रिपोर्ट दी गई, उस जमीन को खाली करने का नोटिस अक्तूबर में भेजा गया। औराई के उगापुर के हिंछलाल बनाम सरकार के मामले में डेढ़ दशक पूर्व सुप्रीमकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। उसी आदेश के क्रम में देश भर में तालाबों पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। बीसापुर गांव में पांच अगस्त को गाटा संख्या 420, 465, 497, 504, 533, 233, 193, 234 299 और 551 को अतिक्रमण मुक्त का दावा करते हुए डीएम, एसडीएम और न्यायालय को रिपोर्ट भेज दी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि जमीन को अतिक्रमणमुक्त करा लिया गया है। मामला जब आला अधिकारियों के संज्ञान में आया और खुद की गर्दन फंसने लगी तो पांच अक्टूबर 2018 को राजस्व विभाग की ओर से काबिज लोगों को जमीन खाली करने का नोटिस भेजा गया। खास बात है कि उक्त प्रकरण में प्रशासन की ओर से पूर्व के आदेशों को हाईकोर्ट में भी भेजा गया है। राजस्व विभाग के दूसरे आदेश को लेकर कोर्ट सख्त कार्रवाई करेगी तो कईयों की गर्दन फंस सकती है। बीसापुर इकलौता मामला नहीं है जयरामपुर, भमौरा समेत जिले के कई तालाबों, चारागाहों और सार्वजनिक जमीनों की कमोबेश ऐसी ही स्थिति है। औराई की प्रभारी एसडीएम कविता बुजेटा ने कहा कि अगर ऐसा है तो गंभीर मसला है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर गड़बड़ी मिली तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन