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कम संसाधन में बेहतर कार्य करने की जरूरत
Updated Sat, 23 Dec 2017 01:05 AM IST
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भदोही। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविधालय के पांच दिवसीय रोवर्स-रेंजर्स प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। अंतिम दिन शिविरार्थियों ने वैकल्पिक संसाधनों से भोजन बनाने, पुल बनाने तथा टेंट बनाने की विधि जानी। जिला संगठन आयुक्त शेषधर दूबे ने कहा की कुछ ऐसी परिस्थितियां भी जीवन में आ सकती है, जब संसाधनों का आभाव हो। ऐसे में वैकल्पिक संसाधन ही जीवन की अधर में फसी नाव को किनारे लगा सकती है। कहा यदि आप जंगल में फंस गए हैं, न आपके पास माचिस है न भोजन बनाने की सामग्री तो भूख कैसे मिटेगी। प्रशिक्षक ने उस परिस्थितियों को ध्यान में रख कर भोजन बनवाया। रोवर्स और रेंजर्स ने वैकल्पिक व्यवस्था से भोजन भी बनाया। टेंट और पुल बनाने की विधि बताते हुए प्रशिक्षकों ने इसका अभ्यास कराया। रोवर्स और रेंजर्स को विभिन्न पशु, पक्षियों के नामों के संज्ञा के साथ 6 टोलियों में बांटा गया था। सभी टोलियों ने कैंप फायर, भजन, लोकगीत, राष्ट्रीय गीत, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने संबंधित एकांकी प्रस्तुत की। इस दौरान मद्यपान, कुष्ठ निवारण, पर्यावरण प्रदूषण, दहेज प्रथा, आतंकवाद, भ्रष्टाचार, स्वच्छता अभियान आदि की प्रस्तुति दी। प्रशिक्षक चंद्रेश राय ने बताया की रोवर्स में तीन टोली है, जिसमें पहले टोली का नाम चीता जिसके नायक शिवानंद पांडेय, दूसरा टोली बाघ जिसके नायक विनय कुमार और तीसरे टोली का नाम बाज जिसके नायक शशी प्रकाश रहे। इसी तरह रेंजर्स की तीन टोलियों में बांटा गया है जिसमें पहली टोली कोयल पिंकी गौतम, दूसरी बुलबुल ,ज्योति सिंह और तीसरी मोरनी, नरगिस अंसारी रही। इस मौके पर प्राचार्य अजय गोस्वामी, डॉ. बृजेश सिंह, रेंजर्स प्रभारी डॉ. भावना सिंह, डॉ.गौतम गुप्ता, डॉ.राज कुमार सिंह यादव, डॉ.वर्षा रानी, डॉ.रुस्तम अली, बृजेश कुमार, डॉ. श्वेता सिंह, डॉ.अवधेश मिश्र आदि उपस्थित रहे।
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