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जिला अस्पताल में मरीजों ने किया प्रदर्शन
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:53 PM IST
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ज्ञानपुर। महाराज चेतसिंह जिला चिकित्सालय में शनिवार को सुबह साढ़े नौ बजे उस समय खलबली मच गई जब चिकित्सक के न पहुंचने पर मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया। विलंब से पहुंचे चिकित्सकों ने मरीजों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसको लेकर मरीजों में गहरी नाराजगी दिखी।
प्रदेश सरकार अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए तमाम प्रयास कर रही है लेकिन सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक सरकार के प्रयासों को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। शनिवार को सुबह आठ बजे जिला अस्पताल में पहुंचे 15 से अधिक मरीज डेढ़ घंटे तक चिकित्सकों का इंतजार किया। सुबह साढ़े नौ बजे तक अस्पताल में कोई चिकित्सक न पहुंचा तो लोगों का गुस्सा बढ़ गया। नाराज मरीजों ने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। हंगामा की खबर सुनते ही साढ़े नौ बजे के बाद चिकित्सक ओपीडी में पहुंचे, तब जाकर लोग शांत हुए। नियमों के मुताबिक ओपीडी में सुबह आठ बजे से इलाज शुरू हो जाना चाहिए। लेकिन निर्धारित समय पर कभी भी ओपीडी शुरू नहीं होती। चिकित्सक देर से ही ओपीडी में पहुंचते हैं। जिलाधिकारी का निर्देश है कि जिले के सभी चिकित्सक जिले में ही रात्रि निवास करेंगे। लेकिन इस निर्देश का पालन ठीक से नहीं हो रहा है। जिला अस्पताल के आधे चिकित्सक जिले में निवास नहीं करते। अन्य जिले से आते हैं। जिससे उनके आने में देर हो जाती है। जिला अस्पताल में जिलेभर से लोग इलाज कराने आते हैं। समय पर चिकित्सक नहीं मिलने से दूर-दराज से आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में गनेशरायपुर निवासी कमलेश यादव, चकलोका निवासी पंकज दूबे, कांवल निवासी संजीत दूबे, चकसिखारी निवासी अजय, भिदिउरा निवासी उमाशंकर, गोसाईदासपुर निवासी राहुल, भिदिउरा निवासी सुरेश, गोपीगंज निवासी केदार, भगद्वार तुलसीपट्टी निवासी मनोज आदि शामिल थे। डा. डीबी प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल ज्ञानपुर ने कहा कि मैं बाहर हूं, यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। वापस आने पर इसकी जांच कराऊंगा। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेश सरकार अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए तमाम प्रयास कर रही है लेकिन सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक सरकार के प्रयासों को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। शनिवार को सुबह आठ बजे जिला अस्पताल में पहुंचे 15 से अधिक मरीज डेढ़ घंटे तक चिकित्सकों का इंतजार किया। सुबह साढ़े नौ बजे तक अस्पताल में कोई चिकित्सक न पहुंचा तो लोगों का गुस्सा बढ़ गया। नाराज मरीजों ने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। हंगामा की खबर सुनते ही साढ़े नौ बजे के बाद चिकित्सक ओपीडी में पहुंचे, तब जाकर लोग शांत हुए। नियमों के मुताबिक ओपीडी में सुबह आठ बजे से इलाज शुरू हो जाना चाहिए। लेकिन निर्धारित समय पर कभी भी ओपीडी शुरू नहीं होती। चिकित्सक देर से ही ओपीडी में पहुंचते हैं। जिलाधिकारी का निर्देश है कि जिले के सभी चिकित्सक जिले में ही रात्रि निवास करेंगे। लेकिन इस निर्देश का पालन ठीक से नहीं हो रहा है। जिला अस्पताल के आधे चिकित्सक जिले में निवास नहीं करते। अन्य जिले से आते हैं। जिससे उनके आने में देर हो जाती है। जिला अस्पताल में जिलेभर से लोग इलाज कराने आते हैं। समय पर चिकित्सक नहीं मिलने से दूर-दराज से आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में गनेशरायपुर निवासी कमलेश यादव, चकलोका निवासी पंकज दूबे, कांवल निवासी संजीत दूबे, चकसिखारी निवासी अजय, भिदिउरा निवासी उमाशंकर, गोसाईदासपुर निवासी राहुल, भिदिउरा निवासी सुरेश, गोपीगंज निवासी केदार, भगद्वार तुलसीपट्टी निवासी मनोज आदि शामिल थे। डा. डीबी प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल ज्ञानपुर ने कहा कि मैं बाहर हूं, यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। वापस आने पर इसकी जांच कराऊंगा। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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