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डाईग हाउस संचालन पर कार्यशाला
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:26 AM IST
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भदोही। सरकार द्वारा तय मानकों को पूरा किए बगैर रंगाई इकाइयां अब संचालित नहीं हो सकेंगी। इसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से राहत मांगने के बजाए इकाइयां मानकों को पूरा करने में ध्यान लगाएं। ये बातें सीपीसीबी के वैज्ञानिक सीबी चौरसिया ने मर्यादपट्टी कालीन भवन में डाइंग हाउसों के संचालन और रखरखाव पर प्रशिक्षण कार्यशाला में डाइंग हाउस संचालकों से कहीं।
वैज्ञानिक ने कहा कि इंटरनेट के दौर में अब चीजें आसान हो गई हैं। क्या मानक हैं और क्या आवश्यकताएं है, उनसे क्या हानि है, सब कुछ पलक झपकते मिल सकता है। आवश्यकता जागरूक होने की है। उन्होंने बताया कि डाइंग हाउसों में उत्प्रवाह शुद्धीकरण संयंत्र (ईटीपी) लगाना अनिवार्य है। रसायनों के प्रदूषण से मानव जीवन को बचाने के लिए सरकार ने उनकी मॉनीटरिंग की व्यवस्था की है। इसके लिए सभी इकाइयों को ऑनलाइन इफ्ल्यूएंट मॉनीटरिंग सिस्टम (ओएमएस) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से लोगों को मानकों के बारे में बताया। साथ ही ऐसा न करने से होने वाले नुकसान पर भी प्रकाश डाला।
अंतिम सत्र में डाइंग संचालकों ने वैज्ञानिक से आवश्यक सवालों की जानकारी ली। पूर्व एकमाध्यक्ष रवि पाटोदिया ने डाइंग हाउसों के संचालन पर अचानक रोक लगाए जाने से उद्योग की समस्याओं से अवगत कराया। एकमा अध्यक्ष गुलाम सर्फुद्दीन अंसारी ने अध्यक्षता की मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्य रूप से अशफाक अंसारी, उमेश कुमार गुप्ता, भरतलाल मौर्य, सूर्यमणि तिवारी, पंकज बरनवाल, नसीम अंसारी, विनीत जायसवाल, पप्पू डायर, वेद प्रकाश गुप्ता, वाईके श्रीवास्तव, टीआर मिश्रा, आकाश बरनवाल, अनिल जायसवाल, सुरेंद्र श्रीवास्तव, दीपक महेश्वरी, जितेंद्र कुमार आदि रहे।
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वैज्ञानिक ने कहा कि इंटरनेट के दौर में अब चीजें आसान हो गई हैं। क्या मानक हैं और क्या आवश्यकताएं है, उनसे क्या हानि है, सब कुछ पलक झपकते मिल सकता है। आवश्यकता जागरूक होने की है। उन्होंने बताया कि डाइंग हाउसों में उत्प्रवाह शुद्धीकरण संयंत्र (ईटीपी) लगाना अनिवार्य है। रसायनों के प्रदूषण से मानव जीवन को बचाने के लिए सरकार ने उनकी मॉनीटरिंग की व्यवस्था की है। इसके लिए सभी इकाइयों को ऑनलाइन इफ्ल्यूएंट मॉनीटरिंग सिस्टम (ओएमएस) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से लोगों को मानकों के बारे में बताया। साथ ही ऐसा न करने से होने वाले नुकसान पर भी प्रकाश डाला।
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अंतिम सत्र में डाइंग संचालकों ने वैज्ञानिक से आवश्यक सवालों की जानकारी ली। पूर्व एकमाध्यक्ष रवि पाटोदिया ने डाइंग हाउसों के संचालन पर अचानक रोक लगाए जाने से उद्योग की समस्याओं से अवगत कराया। एकमा अध्यक्ष गुलाम सर्फुद्दीन अंसारी ने अध्यक्षता की मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्य रूप से अशफाक अंसारी, उमेश कुमार गुप्ता, भरतलाल मौर्य, सूर्यमणि तिवारी, पंकज बरनवाल, नसीम अंसारी, विनीत जायसवाल, पप्पू डायर, वेद प्रकाश गुप्ता, वाईके श्रीवास्तव, टीआर मिश्रा, आकाश बरनवाल, अनिल जायसवाल, सुरेंद्र श्रीवास्तव, दीपक महेश्वरी, जितेंद्र कुमार आदि रहे।
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